आपके घर की डोर बेल भी हो सकती है दुखों का कारण

by | Jul 31, 2020 | Astrology | 0 comments

एस्ट्रोलॉजी और वास्तु एक-दूसरे से भले ही अलग हैं, पर बहुत हद तक एक-दूसरे पर प्रभाव डालते हैं। आज हम डोर बेल की बात करते हैं। जी हां कहने को तो ये एक छोटी-सी चीज़ है। पर वास्तु के अनुसार बहुत महत्वपूर्ण है। जी हां डोर बेल भी आपके जीवन और घर की दशा के लिए काफी प्रभावकारी होती है। लेकिन सामान्य रूप से हम इस पर इतना ध्यान नहीं देते हैं। घर की वास्तु उन सभी चीजों पर भी अपना असर डालती है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से घर का हिस्सा हैं। हो सकता है बेल साउंड आपके घर के अनुकूल न हो। इसके कारण भी गृह क्लेश बढ़ सकता है। इसके अलावा डोर बेल नेम प्लेट के आस-पास कहां होनी चाहिए ये भी ज़रूरी होता है। गलत डोर बेल आपके घर में नेगेटिव एनर्जी को भी जन्म देती है। तो आइए जानते हैं कि आप डोर बेल को कहां और कैसे लगवा सकते हैं?

अगर घर में नहीं होगी डोर बेल तो बढ़ेगा विवाद

कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो घर में डोर बेल नहीं लगवाते हैं। ऐसी स्थिति में परिवार के लोगों के बीच विवाद की स्थिति गहरा जाती है। दरवाज़ा खटखटाने या आवाज़ देकर बुलाना वास्तु के अनुसार सही नहीं होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा भी घर में प्रवेश कर जाती है। इसलिए डोर बेल लगाना बहुत ज़रूरी होता है। अगर किसी कारण आपकी डोर बेल खराब भी हो जाये तो आप उसे जल्दी ठीक करवा लें। डोर बेल का अधिक समय बंद रहने भी ठीक नहीं है। वास्तु के अनुसार ऐसा भी माना गया है कि सुबह कोई आपका दरवाज़ा खटखटाता है तो इससे शांति भंग होती है। इसके बजाय आप डोर बेल लगवाइए।

काला रंग छोड़कर और कोई डोर बेल लगवाइए

जब भी आप डोर बेल लगवाएं कोशिश करें कि वह काले रंग की न हो। काला रंग वैसे तो आमतौर पर नज़र से बचाता है पर डोर बेल के मामले में ऐसा नहीं है। डोर बेल में काले रंग के कारण आपके घर में एक अप्रिय वातावरण बनता है। इससे परिवार से सब लोग प्रभावित होते हैं। आजकल बाज़ार में डोर बेल के बहुत सारे ऑप्शन्स हैं आप किसी भी तरह की बेल खरीद सकती हैं।

वास्तु के अनुसार सही दिशा में हो डोर बेल

न केवल रंग बल्कि वास्तु के हिसाब से डोर बेल सही दिशा में होना भी ज़रूरी है। हो सकता है गलत दिशा में घण्टी लगवाने से कोई बड़ा वास्तु दोष पैदा हो जाये। इसके कारण आपके घर में अनेक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आपको घण्टी को दरवाज़े से कम से कम 5 इंच की दूरी पर लगवाना चाहिए।

नेम प्लेट के इस ओर लगवाएं डोर बेल

घर की नेम प्लेट सही मायने में आपके घर की खुशियों का प्रतिनिधित्व करती है। कोशिश करें कि डोर बेल नेम प्लेट से ऊपर ही लगी हो। अगर नेम प्लेट से ऊपर बेल लगी होगी तो घर के मुखिया का मान-सम्मान बढेगा। उन्हें यश की प्राप्ति होगी और उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। इसके विपरीत नेम प्लेट के नीचे लगी बेल परिवार की अवनति का कारण भी बन सकती हैं।

बेल की कर्कश आवाज़ नेगेटिव एनर्जी पैदा करती है

आपकी डोर बेल की आवाज़ मधुर होनी चाहिए। तेज़ और कर्कश आवाज़ से आपके घर में नेगेटिव एनर्जी का वास होता है। नेगेटिव एनर्जी के कारण विवाद, बीमारी और दुख की स्थिति निर्मित होती है। बेल की आवाज़ कर्णप्रिय होना चाहिए। इससे नेगेटिव एनर्जी की जगह खुशियां और शांति का वातावरण निर्मित होता है।

तो आप भी डोर बेल लगवाते समय इन बातों का ध्यान रखें।

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