किस तरह असर डालेगा सूर्यग्रहण आपके जीवन पर?

by | Jun 20, 2020 | Astrology | 0 comments

एस्ट्रोलॉजी के अनुसार अब कल हम एक और सूर्यग्रहण के साक्षी बनने वाले हैं। जी हां इस साल का एक और ग्रहण। अभी पहले सूर्यग्रहण का असर खत्म भी नहीं हुआ और ये दूसरा ग्रहण लग गया। इस ग्रहण में सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन हो जायेंगे। इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर होगा और अनेक हेल्थ प्रॉब्लम जन्म लेंगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भगवान शिव का प्रमादी नामक सम्वत्सर चल रहा है, जिसके कारण संहारकर्ता शिव अपना विशेष कार्य करेंगे। साथ ही प्राकृतिक आपदा बाढ़, भूकम्प आदि के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र में भी उथल-पुथल संभवित हैं। ऐसी घटनाएं ग्रहण की तिथि के निकट अधिक होती रही हैं। मानव, जीव-जन्तु, नदी, सागर एवं वनस्पति सभी पर ग्रहण का प्रभाव होता है। इस दिन 6 ग्रह भी वक्री रहेंगे। इस ग्रहण का सूतक कब लगेगा और अन्य क्या प्रभाव होंगे? बता रहे हैं ख्यात ज्योतिष पंडित विशाल दयानंद शास्त्री।

इस सूर्यग्रहण से जुड़े हैं अनेक योग

इसी दिन सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन होने जा रहे हैं अर्थात सूर्यदेव, शाम को कर्क राशि मे प्रवेश करते ही ग्रहण योग बनाएगें। शास्त्रानुसार जब सूर्यदेव, आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो पृथ्वी रजस्वला होती है। इसीलिए गोवाहटी स्थित मां कामाख्या शक्तिपीठ में 3 दिवसीय आम्बुवाची उत्सव आरम्भ होता है जो इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण स्थगित हो गया है, केवल स्थानीय साधक ही इस वर्ष इसमें भाग ले पाएंगे। इस ग्रहण अवधि में अन्न भक्षण, फल, सब्जी या अन्य वस्तु को काटना अथवा उपयोग/सेवन करना निषिद्ध है। तरल वस्तु, अथवा रसदार सामग्री जैसे जल आदि में शुद्धता हेतु ग्रहण के सूतक काल मे कुशा का उपयोग कर उस सामग्री को नकारात्मक ऊर्जा से बचाया जा सकता है।

सतर्कता रखनी होगी इन राशियों को सूर्यग्रहण के बाद

जैसा कि विदित है इस सूर्यग्रहण के कारण कर्क, वृश्चिक एवं मीन राशि के जातक पर नकारात्मक प्रभाव होगा। अतः इस दौरान शास्त्रानुसार साधना, ध्यान ओर आराधना पर बल देना चाहिए। इस राशि वालों को अपने सामर्थ्य अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। यह सूर्यग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में होगा। इसलिए खास राशियों पर इसका विपरीत असर भी होगा।

अनेक हेल्थ प्रॉब्लम को जन्म देगा ये ग्रहण

इस ग्रहण के प्रभाव स्वरूप मनुष्य का पाचन तंत्र प्रभावित होगा। कोरोना महामारी के इस समय मे रोगोंयोन के बढ़ने की सम्भावना बनती हैं स्थिति विपरीत हो सकती हैं। ऊर्जा और तेजत्व प्रदाता सूर्य के स्वग्रही होने से सूर्य की ऊर्जा का प्रभाव कम होगा। यह ग्रहण नकारात्मक प्रभाव में वृद्धि करेगा। ज़ाहिर है इससे हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ेगी। मानसिक उद्वेग/अस्थिरता, अनाज के भाव मे वृद्धि सैन्य गतिविधियों में वृद्धि, सामाजिक टकराव की संभावना बनती है। वातावरण के तापमान में अचानक परिवर्तन सम्भव है। ग्रहण के बाद अगले कुछ समय में विषाक्त जीवाणुओं के प्रभावी होने से रोग और रोगियों की संख्या में आकस्मिक वृद्धि की सम्भावना बनती है। इन हेल्थ प्रॉब्लम से विश्व मे भय का वातावरण निर्मित होगा।

उत्तरायण होने से बदलेंगी स्थितियां

जब सूर्य देवता उत्तरायण अवधि को छोड़ेंगे तो इससे पूरी दुनिया में बदलाव के परिणाम सामने आएंगे। जहां एक ओर उत्तरायण सकारात्मकता दर्शाती है वहीं दक्षिणायन नकारात्मकता। इसलिए इस समय अपना अधिकांश समय ईश्वर आराधना में लगाएं।

इस तरह लगेगा ग्रहण का सूतक

यदि ग्रहण के सूतक काल की बात की जाये तो यह 20 जून 2020 की रात्रि को लगभग 12 घण्टे पूर्व 10 बजे से प्रारम्भ होगा। इस ग्रहण का कुल पर्व काल 2 घण्टे 33 मिनट रहेगा।

21 जून 2020 को उज्जैन में सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर तथा सूर्यास्त शाम को 7 बजकर 22 मिनट पर होगा। इस दिन, दिन की अवधि 13 घण्टे 18 मिनट की होगी वहीं रात 10 घण्टे मिनट की रहेगी। इसलए सूतक लगते ही संभावित वर्जनाओं का पालन अवश्य करें।

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Pt. Vishal Dayanand Shastri

Pt. Vishal Dayanand Shastri

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