यह ग्रह बन सकते हैं जॉइंट पेन का कारण

by | Sep 6, 2019 | Astrology, Bone Problems | 0 comments

एस्ट्रोलॉजी से आपको कुछ ऐसी जानकारी भी मिल सकती है जो आपकी बीमारी से जुड़ी हुई हो। अक्सर हम देखते हैं कि जॉइंट पेन से पीड़ित लोगों को दैनिक काम-काज करने में बहुत समस्या आती है। अब आप सोचेंगे इसमें किसी की कुंडली क्या कर सकती है? तो हम बता दें कि आपकी कुंडली में ही छिपा है आपकी बीमारी का कारण। वैसे जोड़ों में दर्द की समस्या यूरिक एसिड के कारण भी हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि ग्रह भी हड्डियों में तकलीफ का कारण हो सकता है। आइये इस संबंध में आपको कुछ जानकारी दें।

जॉइंट पेन की निशानी है गठिया रोग

गठिया रोग का एक कारण शरीर में अधिक मात्रा में यूरिक एसिड का होना माना गया है। जब गुर्दों द्वारा यह कम मात्रा में विसर्जित होता है या मूत्र त्यागने की क्षमता कम हो जाती है। इससे सोडियम क्रिस्टल जोड़ों के उत्तकों में जमा होकर तेज उत्तेजना एवं प्रदाह उत्पन्न करने लगता है। तब प्रभावित भाग में रक्त संचार असहनीय दर्द पैदा कर देता है। गठिया रोगियों का वजन अक्सर अधिक होता है। ये देखने में स्वस्थ एवं प्रायः मांसाहारी और खाने-पीने के शौकीन होते हैं। देखा जाये तो जॉइंट पेन की निशानी ही होता है गठिया रोग।

खान-पान पर भी निर्भर करता है जॉइंट पेन

भारी और तैलीय भोजन, मांस, मक्खन, घी और तेज-मसालेजॉइंट पेन का कारण हो सकते हैं। शारीरिक एवं मानसिक कार्य न करना, क्रोध, चिंता, शराब का सेवन, पुरानी कब्ज़ आदि कारणों से भी जॉइंट पेन होता है। जन्म कुंडली में शनि पीड़ित होने पर ही घुटनों में दर्द, कमर दर्द, गर्दन के दर्द, रीढ़ की हड्डी की समस्या उत्पन्न होती है।

यूरिक एसिड सबसे बड़ी वजह है हड्डियों की कमज़ोरी की

जी हां आपको शायद ज्ञात हो कि यूरिक एसिड का बढ़ना हड्डियों की कमज़ोरी का कारण होता है। यदि आपको भी इस तरह की कोई समस्या होती है तो यूरिक एसिड टेस्ट ज़रूर करवाएं।

शनि ग्रह है हड्डियों की समस्या की बड़ी वजह

ज्योतिष की चिकित्सकीय शाखा हमारे स्वास्थ और शारीरिक गतिविधियों को समझने तथा उनके निदान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ज्योतिष में “शनि” को हड्डियों के जोड़ या जॉइंट्स का कारक माना गया है। हमारे शरीर में हड्डियों का नियंत्रक ग्रह सूर्य है पर हड्डियों के जोड़ों की स्थिति को “शनि” नियंत्रित करता है। शरीर में हड्डियों के जॉइंट्स की मज़बूत या कमज़ोर स्थिति कुंडली में स्थित ‘शनि” के बल पर निर्भर करती है। कुंडली में शनि पीड़ित स्थिति में होने पर व्यक्ति अक्सर जॉइंट्स पेन या जोड़ों के दर्द से परेशान रहता है।

कुंडली में भी निहित है शारीरिक समस्याएं

काल पुरूष की कुंडली में दशम भाव और मकर राशि महत्वपूर्ण जोड़ों का नेतृत्व करती हैं। जैसे ‘घुटने’, इसलिए दशम भाव एवं मकर राशि के दूषित प्रभावों में रहने से रोग उत्पन्न होता है। इसके अतिरिक्त शनि, शुक्र और मंगल ग्रह एवं लग्न यदि किसी कुंडली में निर्बल और दुष्प्रभावों में हो तो जातक को गठिया जैसा रोग देता है। यदि किसी की कुंडली में शनि, शुक्र, मंगल, दशम भाव, दशमेश, लग्न, लग्नेश यदि दुष्प्रभावों में रहते हैं तो संबंधित ग्रहों की दशा-अंतर्दशा और गोचर के अशुभ रहने से गठिया रोग होता है।

अपनाएं ये उपाय

1. यदि शनि कुंडली में छटे या आठवे भाव में हो तो ऐसे में व्यक्ति को घुटनो, कमर आदि के जोड़ो के दर्द की समस्याएं होती हैं।

2. शनि यदि नीच राशि (मेष) में हो तो भी व्यक्ति जोड़ो के दर्द से समस्याग्रस्त रहता है।

3. शनि का केतु और मंगल के योग से पीड़ित होना भी जॉइंट्स पेन की समस्या देता है।

4. शनि यदि सूर्य से पूर्णअस्त हो तो भी जोड़ो के दर्द की समस्या रहती है।

5. शनि का अष्टमेश या षष्टेश के साथ होना भी जॉइंट्स पेन की समस्या देता है।

6. यदि कुंडली के दशम भाव में कोई पाप योग बन रहा हो या दशम भाव में कोई पाप ग्रह नीच राशि में हो तो भी घुटनो के दर्द की समस्या रहती है।

7. छटे भाव में पाप योग बनना कमर दर्द की समस्या देता है।

8. यदि कुंडली में शनि पीड़ित स्थिति में हो तो शनि की दशा में भी जॉइंट्स पेन की समस्या बनी रहती है।

इन उपाय से होगा जोड़ों के दर्द में लाभ–

1. ॐ शम शनैश्चराय नमः का नियमित जाप करें।

2. शनिवार को मन्दिर में पीपल पर सरसो के तेल का दिया जलाएं।

3. शनिवार को संध्याकाल में सरसो के तेल का परांठा कुत्ते को खिलाएं।

4. किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद शनि का कोई रत्न भी धारण कर सकते हैं पर किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह के बिना शनि का कोई भी रत्न ना पहने।

5. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

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