साल का अंतिम सूर्य ग्रहण इन राशियों पर डालेगा प्रभाव

by | Nov 11, 2019 | Astrology | 0 comments

एस्ट्रोलॉजी में हमारे खगोलीय पिंडों का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। वर्ष 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण जो कि 26 दिसम्बर 2019 को होगा। ये केवल (भारत में) केरल राज्य में दिखाई देगा। इस सूर्य ग्रहण पर सूर्य आग की एक अंगूठी की तरह दिखाई देगा। ग्रहण का वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि से प्रकृति तथा मानव समुदाय पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि हर साल घटित होने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। यही नहीं ये ग्रहण विभिन्न राशियों पर भी असर डालेगा। इसमें कुछ राशियों पर बुरा असर होगा कुछ पर अच्छा। आइये इस बारे में विस्तार से जानें।

कब होगा सूर्य ग्रहण?

पृथ्वी से सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दो तरह के ग्रहण ही नज़र आते हैं। जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा या कोई दूसरा ग्रह आता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। इसी तरह जब चांद और सूरज के बीच पृथ्वी आती है तो उसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है। इस वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण अभी बाकी है जो 26 दिसंबर को पड़ने जा रहा है। वर्ष 2019 की शुरुआत चंद्र ग्रहण से हुई थी और खत्म सूर्य ग्रहण के साथ होगी।

वर्ष का तीसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो भारतीय समयानुसार सुबह 08:17 से लेकर 10: 57 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण भारत के साथ पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्तरी/पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा।

यह होगा सूर्य ग्रहण का शुरूआती और मोक्ष काल

सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019 प्रारंभ समय – सुबह 8 बजकर 17 मिनट (26 दिसंबर 2019)

सूर्य ग्रहण परमग्रास – सुबह 9 बजकर 31 मिनट (26 दिसंबर 2019)

सूर्य ग्रहण दिसंबर 2019 समाप्ति समय – सुबह 10 बजकर 57 मिनट (26 दिसंबर 2019)

यह रहेगा 26 दिसम्बर (सूर्य ग्रहण) 2019 को सूतक काल का समय–

सूतक काल प्रारंभ- शाम 5 बजकर 31 मिनट से (25 दिसंबर 2019)

सूतक काल समाप्त – अगले दिन सुबह 10 बजकर 57 मिनट तक (26 दिसंबर 2019)

धनु राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण

यह सूर्य ग्रहण धनु राशि और मूल नक्षत्र में लगेगा। धनु राशि तथा मूल नक्षत्र से संबंधित व्यक्तियों के जीवन पर इसका प्रभाव पड़ेगा। इन राशियों और नक्षत्र से संबंधित लोगों को सूर्य ग्रहण के समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। 26 दिसंबर 2019 को सूर्यग्रहण का स्पर्श, मोक्ष मूल नक्षत्र और धनु राशि में हो रहा है।

वलयाकार होगा सूर्य ग्रहण

चांद सूरज को इस प्रकार ढके की सूर्य वलयाकार दिखाई दे। मतलब बीच से ढका और किनारों से रोशनी का छल्ला बनता दिखाई दे तो उसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहेंगे। सूर्यग्रहण की अवधि भी कुछ ही मिनटों के लिये होती है। सूर्य ग्रहण का योग हमेशा अमावस्या के दिन ही बनता है।

मीन राशि के लिए रहेगा शुभ

जी हां मीन राशि के लिए बहुत अच्छा रहेगा। सबसे अधिक लाभ मीन राशि वालों को ही होगा। इस ग्रहण से मीन राशि वालों के लिए आगे बढ़ने के सारे रास्ते खुल जायेंगे। रास्ते की जितनी भी समस्याएं होंगी वो दूर हो जायेंगी।

सिंह राशि वाले जातकों पर भी होगा अच्छा असर

फ़ायदे की दृष्टि से देखा जाये सिंह राशि वालों के लिए ये ग्रहण अच्छा होगा। सिंह राशि वाले लोगों के रुके काम बन जायेंगे। साथ ही सिंह राशि वाले शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त करेंगे।

समझें वलयाकार सूर्य ग्रहण कब होता है?

वर्ष 2020 में कुल 6 ग्रहण लगने वाले हैं। जिनमें पहला चंद्रग्रहण 10 जनवरी को होगा और अंतिम ग्रहण 15 दिसंबर को लगने जा रहा है। वैज्ञानिक जिसे केवल एक खगोलीय घटना मानते हैं तो वहीं धार्मिक मान्यसताएं भी अपना तर्क देती हैं। ग्रहण से केवल प्रकृति पर फर्क नहीं पड़ता है बल्कि मानव जाति पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। सूर्य और चंद्रग्रहण का अलग-अलग राशियों पर अलग प्रभाव पड़ता है।

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