रक्षाबन्धन पर ये विशेष संयोग भाई बहन के लिए होंगे शुभ, जानिए क्या है राखी मुहूर्त?

by | Aug 1, 2020 | Astrology | 0 comments

एस्ट्रोलॉजी के अनुसार हर पर्व के शुभ मुहूर्त हर व्यक्ति के लिए विशेष होते हैं। जैसे अभी समय है राखी मुहूर्त जानने का। भाई-बहनों के प्रेम की सच्ची अभिव्यक्ति के रूप में रक्षाबंधन की मान्यता है। सभी त्यौहारों की तरह राखी बांधने के मुहूर्त का भी विशेष महत्व होता है। शुभ मुहूर्त में बंधी राखी भाई-बहन के रिश्ते को और भी मज़बूत बनाती है। साथ ही इसके अनेक पुण्यदायी फल प्राप्त होते हैं। इस रक्षाबन्धन पर इस बार तीन महायोगों का संयोग हो रहा है। ये संयोग 29 साल के बाद फिर से आ रहे हैं। इसलिए इस बार की राखी बहुत शुभ और आनंददायिनी होगी। पूर्ण प्रेम और समर्पण के साथ बांधी गई राखी भाई को हर तरह की मुसीबत से बचाती है, उसकी रक्षा करती है। इस विशेष दिन हर बहन के द्वारा भाई के लिए मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। आइये इससे जुड़ी और बातें आप तक पहुंचाएं।

राखी मुहूर्त पर नहीं होगी भद्रा की छाया

इस बार का राखी मुहूर्त भद्रा से मुक्त रहेगा। वर्ना पिछले साल भद्रा के चलते राखी मुहूर्त बहुत कम समय के लिए था। इस साल का रक्षाबन्धन अनेक पुण्यकारक योगों से भरा हुआ है। सावन के आखरी सोमवार को राखी बांधी जाएगी। ये बहुत ही पवित्र दिन है। इस दिन सावन मास और श्रवण नक्षत्र का बहुत ही दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह समय राखी के लिए बहुत ही उत्तम माना गया है। भद्रा से मुक्त होने के कारण राखी की मुहूर्त भी बढ़ गए हैं। शुभ मुहूर्त की अधिकता के कारण आपको राखी बांधने की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी।

इस तरह होंगे राखी मुहूर्त

आपको बता दें कि राखी मुहूर्त करीब 11 घण्टे का होगा। राखी मुहूर्त सुबह 9 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर रात के 9 बजकर 11 मिनट तक होगा। आपको बता दें कि 3 अगस्त को सुबह 9 बजकर 28 मिनट के बाद कभी भी राखी बांधी जा सकती है। राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 48 मिनट से शाम को 4 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। दूसरा शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। ये दोनों राखी मुहूर्त सबसे शुभ माने गए हैं। अपनी सुविधा के अनुसार आप इसमें से किसी भी शुभ मुहूर्त का चुनाव कर सकते हैं।

रक्षाबन्धन का ये पर्व एक अटूट आस्था और प्रेम का प्रतीक है

भाई-बहनों का रिश्ता कभी खट्टा, तो कभी मीठा। मन की भावनाएं और स्नेह रक्षाबंधन के माध्यम से हर भाई और बहन व्यक्त करते हैं। कभी रूठी बहन को मनाना तो कभी भाई की इच्छा को पूरा करना। बस इसी तरह ये अनोखा रिश्ता आगे बढ़ता रहता है। हर रक्षाबंधन बहन आपके भाई के लिए सुंदर राखी पसंद करती है। भाई छोटा है तो उसके लिए उसकी पसंद का कोई उपहार भी ज़रूर लेती है। इसी तरह भाई भी बहन का दामन खुशियों से भर देना चाहता है। उसकी सुरक्षा और सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहता है। हर साल रक्षाबंधन पर भाई – बहनों के मन में अनेक तरह की उत्सुकता और ख्वाहिशें रहती हैं। तो इस राखी को भी आप पूरे जोश के साथ मनाइए।

शुभ मुहूर्त में राखी बांधना होगा श्रेष्ठ

बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं जो किसी मुहूर्त को नहीं मानते हैं। वह हर समय को ही शुभ मुहूर्त मानकर चलते हैं। लेकिन शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में राखी बांधना ही अच्छा होता है। सही मुहूर्त में राखी बांधने से वातावरण और समस्त ब्रह्मांड आपके जीवन के अनुकूल दृष्टि गोचर होते हैं। इसलिए आप जब भी राखी बांधें शुभ मुहूर्त में ही बांधे।

सर्वार्थ सिद्धि योग से होंगे अनेक लाभ

जैसा हमने आपको बताया कि इस राखी पर अनेक शुभ योगों का संयोग बन रहा है। दीर्घायु आयुष्मान योग के अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग भी राखी पर साथ लगने वाले हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग से सभी लोगों को विशेष फल प्राप्त होंगे। खासकर कृषि के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग बहुत अच्छा माना जा रहा है। इससे वर्तमान में चल रही परिस्थिति पर भी प्रभाव होगा और धीरे-धीरे कोरोना का प्रकोप भी कम होने लगेगा। ऐसा माना जा रहा है कि अक्टूबर तक बहुत हद तक कोरोना का असर कम होने लगेगा।

तो आप भी शुभ मुहूर्त में राखी बांधकर अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना कीजिये।

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