जन्माष्टमी पर इन चीजों से की गई पूजा देगी विशेष लाभ

by | Aug 10, 2020 | Astrology | 0 comments

एस्ट्रोलॉजी में हमारे द्वारा की गई पूजा की विधि-विधान का बहुत महत्व माना गया है। आप सही तरीके से ईश्वर आराधना करेंगे तो इसका बहुत अच्छा प्रभाव आपके जीवन पर होगा। साथ ही ईश्वर की विशेष अनुकंपा भी आप पर बनी रहेगी। इस जन्माष्टमी भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए आपको खास प्रकार से उनकी पूजा-अर्चना करनी होगी। इसके करने से आपको मनवांछित फल प्राप्त होंगे। पंच पदार्थों से भगवान का अभिषेक आपके सारे मनोरथ पूर्ण करेगा। इसके साथ भी मधुसूदन के श्रृंगार में बांसुरी और मोरपंख भी विशेष फलदाई होंगे। आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

कृष्ण जन्माष्टमी पर दो तिथियों को लेकर है संशय

पिछले कुछ सालों में जन्माष्टमी की दो तिथियों को लेकर लोगों में संशय की स्थिति रहती है। इस बार भी 11 अगस्त और 12 अगस्त को जन्माष्टमी की तारीखों में संशय बना हुआ है। इस बार 11 अगस्त की सुबह जन्माष्टमी की तिथि लग जायेगी जो 12 अगस्त सुबह 11 बजे तक रहेगी। इसलिए वैष्णव सम्प्रदाय को मानने वाले सूर्योदय की तिथि को मान्य करेंगे और 11 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे। उसी तरह जो लोग नक्षत्र काल को विशेष महत्व देते हैं वो 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे।

ये रहेगा जन्माष्टमी पर पूजा का मुहूर्त

आपको जन्माष्टमी पर पूजा के मुहूर्त के बारे में भी जानकारी दे दी जाए। 12 अगस्त को पूजा का समय रात 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस जन्माष्टमी वृद्धि संयोग बन रहा है। ये संयोग सभी के लिए फलदाई रहेगा। इसलिए पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ जन्माष्टमी का व्रत और पूजा करें।

पंचामृत के साथ करें भगवान कृष्ण का अभिषेक

इस पावन अवसर पर भगवान कृष्ण के अभिषेक का भी बहुत महत्व है। हमारे शास्त्रों में भी अभिषेक का बहुत अधिक महत्व है। पंचामृत अर्थात दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बालमुकुंद का अभिषेक करना चाहिए। ये अभिषेक आपको शंख की सहायता से करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस तरह अभिषेक करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और विशेष फलों की प्राप्ति होती है।

बांसुरी भगवान मुरलीधर को है प्यारी

जब भी आप कृष्ण जी का श्रृंगार करें उसमें बांसुरी को शामिल करना न भूलें। बांसुरी कृष्ण जी को बहुत अधिक प्रिय होती है। यदि आप श्रृंगार में बांसुरी रखेंगे तो आपकी मनचाही मनोकामना पूरी होगी। आजकल बाज़ार में एक से बढ़कर एक सुंदर बांसुरी मिल रही है। आप अपने घर की मूर्ति के अनुसार उसे खरीद सकते हैं।

मोरपंख कृष्णजी की है पहचान

ये बात जगजाहिर है कि मोरपंख कृष्णजी की खास पहचान है। वो अपने केश में हमेशा मोरपंख पहना करते थे। इसलिए कृष्णजी के श्रृंगार में भी मोरपंख का बहुत महत्व है। आप चाहें तो इस शुभ अवसर पर पूरा मंदिर ही मोरपंख से सजा सकते हैं। लेकिन मोरपंख को श्रृंगार में जगह अवश्य दें। इसके अलावा लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का भोग भी लगाना न भूलें। साथ में सोंठ के लड्डू और पंजीरी भी भगवान के लिए ज़रूर बनाएं।

तो इस तरह आप श्रीकृष्ण को प्रसन्न करके सभी मनोकामनाओं को पूरा कर सकते हैं।

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