साइनोसाइटिस से जुड़े आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट

by | Sep 10, 2019 | Breathing Problem, Therapy | 0 comments

ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स आजकल एक आम समस्या बन चुकी है। अब आप साइनोसाइटिस को ही ले लीजिये। साइनस में इन्फेक्शन के कारण होने वाली ये समस्या अचानक बड़ा रूप धारण कर लेती है। इससे व्यक्ति को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैसे इसके इलाज से साइनस सर्जरी भी जुड़ी हुई है। लेकिन इसे हम साइनस का स्थायी उपचार नहीं कह सकते। एंटीबायोटिक्स मेडिसिन से तकलीफ और भी बढ़ जाती है। इसलिए ज़रूरी है कि आप इसके लिए कुछ आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट अपनाएं। कैसे? इस पोस्ट के ज़रिये जानिए।

क्या होता है साइनोसाइटिस?

आपको बता दें कि साइनोसाइटिस श्वसन से जुड़ी ही एक समस्या है। इसमें समस्या नाक की हड्डी के टेढ़े होने से हो सकती है। हमारी नाक के दोनों ओर मतलब गाल के ऊपरी भाग में 8 एयर पॉकेट्स होते हैं। यही साइनस कहलाते हैं। वैसे इसके होने के कुछ अन्य कारण भी हैं। जिसमे प्रदूषण, लाइफस्टाइल और दूसरी अन्य चीज़ें भी आती हैं। आजकल साइनोसाइटिस की समस्या बहुत ज़्यादा बढ़ चुकी है।

इस तरह हो सकते हैं साइनोसाइटिस के लक्षण

जी हां आपको बता दें कि साइनोसाइटिस होने पर किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके लक्षणों में सबसे आम है आपके पूरे रेस्पिरेटरी ट्रैक पर म्यूकस जमा होना। इससे आपको सांस लेने में बहुत अधिक परेशानी होती है। इसके अलावा बारह महीने आपको सर्दी-खांसी की समस्या रहती है। तेज़ सिर दर्द जो धीरे-धीरे चेहरे पर उतर आता है। चेहरे पर बहुत अधिक दबाव महसूस होना। शरीर में सुस्ती महसूस होना, साथ ही लगातार छींके आना। ये सभी लक्षण आपको भी महसूस होते हों तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें। वैसे ये रोग खतरनाक नहीं होता है। लेकिन उपचार के अभाव में आपकी समस्या बढ़ सकती है।

एंटीबायोटिक मेडिसिन भी हो सकती है साइनोसाइटिस का कारण

इस बात पर आप गौर ज़रूर कीजियेगा। एंटीबायोटिक मेडिसिन आपमें इस समस्या को बढ़ाती हैं। लेकिन लोग समझते नहीं और बिना सोचे एंटीबायोटिक मेडिसिन का सेवन करते हैं। इससे थोड़े समय के लिए तो राहत मिल जाती है लेकिन फिर समस्या बढ़ती जाती है। इसलिए ज़रूरी है कि एंटीबायोटिक मेडिसिन का सेवन आप ध्यान से करें। वैसे भी बहुत अधिक दवाओं से आपको साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। हां आपको यदि साइनोसाइटिस के उपचार के कुछ असरदार वैकल्पिक तरीके मिलते हैं तो उन्हें ज़रूर अपनाइए।

साइनस सर्जरी नहीं है स्थायी उपचार

संभव है कि आपको डॉक्टर साइनस सर्जरी की सलाह दें। आपको बता दें कि साइनस सर्जरी इस समस्या का स्थायी उपचार नहीं है। लेकिन लोग कई बार साइनस सर्जरी को ही अंतिम विकल्प समझ लेते हैं। कोशिश करें कि आप साइनोसाइटिस के कुछ आसान तरीकों के बारे में भी जानें। क्योंकि इस सर्जरी के कुछ समय बाद समस्या फिर से शुरू हो जाती है। इसलिए सर्जरी करवाने से पहले एक बार ज़रूर सोच लें।

रोका जा सकता है साइनस इन्फेक्शन को

आप यदि कोशिश करें तो साइनस इन्फेक्शन को रोकना आसान है। क्योंकि प्रदूषण के कारण ही इस तरह का इन्फेक्शन बढ़ता है। साइनस इन्फेक्शन को रोकने के लिए आप योगासन का सहारा ले सकते हैं। आपको थोड़ी भी एलर्जी की समस्या है तो आप ऐसी जगह पर न जाएं जहां बहुत धूल और धुआं होता है। इसके अलावा साइनस इन्फेक्शन से दूर रहने के लिए श्वसन एक्सरसाइज़ भी आपको करना चाहिए।

आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट बहुत कारगर है

इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए आपको आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट को अपनाना चाहिए। इससे आपकी समस्या का इलाज जड़ से हो जायेगा। आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट साइनोसाइटिस की तकलीफ में बहुत अधिक राहत देता है। इसके लिए आप योग के कुछ आसन कीजिये। साथ ही प्राणायाम और श्वसन आसनों का अभ्यास कीजिये। रोज़ गर्म पानी ज़रूर पीजिये। अदरक और लहसुन का प्रयोग बढ़ा दें। आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के अंतर्गत कुछ दवाएं भी आती हैं जो आपके लिए बहुत मददगार साबित होंगी। तो आप भी आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट से दूर कर सकते हैं साइनोसाइटिस की समस्या।

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