‘निपाह वायरस’ जिन्दगी पर बढ़ता खतरा | Nipah sounds dangerous, let’s know about it

by | Dec 1, 2018 | Contagious Diseases | 0 comments

इन दिनों समाचार पत्रों की सुर्खियों में छाया हुआ है निपाह वायरस। जी हां, अब तक इसके बारे में लोगों को इतनी जानकारी नहीं थी। अब इस वायरस के परिणामों को जानकर लोग डरे हुए हैं। क्या है निपाह वायरस के लक्षण (Nipah Virus Symptoms)? और निपाह वायरस से प्रोटेक्शन (Nipah Virus Protection) कैसे हो सकता है? आइये जानते हैं।

किसी भी नई बीमारी के बारे में जानकर लोग डर जाते हैं। फिर बिना सोचे-समझे उस बीमारी से बचने के लिए बैसिर-पैर के तरीके ढूंढने लगते हैं। लेकिन सही जानकारी और इलाज़ से आपकी जान पर आने वाले खतरे को टाला जा सकता है।

क्या है निपाह वायरस?

निपाह वायरस एक लाइलाज बीमारी है। इसका अभी तक कोई उपचार मौजूद नहीं है। यह एक संक्रमित रोग है जो जानवरों से फलों और फलों से व्यक्ति में प्रवेश करता है। इंसानों में निपाह वायरस का इन्फेक्शन एंसेफ्लाइटिस से जुड़ा हुआ है। यह सीधा दिमाग पर असर करता है। अभी इस वायरस से लड़ने का उपचार खोजा जा रहा है इसलिए बचाव ही बचने का एकमात्र उपाय है। व्यक्ति कुछ समझ नहीं पाता और यह बीमारी उन्हें आसानी से अपना शिकार बना लेती है।

कैसे पहचानें निपाह के लक्षणों को (Nipah Virus Symptoms)?

शुरुआत में सांस लेने में तकलीफ, गले में दर्द, पेट में दर्द, चक्कर आना, तेज़ सिर दर्द होना। इन लक्षणों से निपाह वायरस को पहचाना जा सकता है। जब संक्रमण अपनी चरम सीमा में पहुंच जाता है तो मरीज़ कोमा में भी जा सकता है। कुछ समस्या बाद इंसान की मृत्यु भी हो जाती है। निपाह वायरस के लक्षणों (Nipah Virus Symptoms) को अनदेखा करना जान के लिए खतरा बन सकता है।

कैसे अस्तित्व में आया निपाह?

इस वायरस की पहचान सबसे पहले 1998 में मलेशिया में हुई थी। वहां रहने वाला व्यक्ति इस वायरस के संपर्क में आया और उसकी मृत्यु हो गई। जिस गांव में वह व्यक्ति रहता था उसी के आधार पर इस बीमारी का नाम निपाह रखा गया। कुछ महीनों पहले इस वायरस ने केरल में दस्तक देकर लोगों में डर पैदा कर दिया है। यह ज़रूरी भी है कि लोग इस संक्रमण के बारे में अधिक से अधिक जानें।

क्या इस खतरनाक बीमारी का कोई उपचार मौजूद है?

आप सही जानकारी और सुरक्षित उपाय अपनाकर ही इस बीमारी से बच सकते हैं। अभी तक इस बीमारी का कोई वैक्सीन अस्तित्व में नहीं आया है। वैज्ञानिकों द्वारा अनेक प्रयोग किये जा रहे हैं जिससे निपाह के संक्रमण से बचा जा सके।

निपाह वायरस से बचने (Nipah Virus Protection) के उपाय?

• जिन स्थानों पर यह वायरस फैला है तो कोशिश करना चाहिए कि आप प्रभावित क्षेत्रों पर न जाएं।
• प्रभावित क्षेत्रों से आई भोजन सामग्री विशेष रूप से फलों को खाने से बचना चाहिए।
• किसी भी फल को खाने के पहले अच्छे से धो लें। यह भी ध्यान में रखें कि फल किसी जानवर या पंछी का खाया तो नहीं है।
• आपके आस-पास चमगादड़ रहते हैं तो उनसे दूरी बनाकर रखें। उन्हें रहवासी क्षेत्र से हटाने का प्रयास करें।
• फलों के अलावा जानवरों का मांस खाने से भी बचना चाहिए। इसके द्वारा भी यह वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।
• इस वायरस की वजह से जिस व्यक्ति की मौत हुई है उसके शव के पास भी जाने से बचें। कोशिश करें कि उस व्यक्ति के अंतिम संस्कार में आप शामिल न हों।
• खाना खाते समय अपने हाथों को साबुन से ज़रूर से साफ़ कर लें।

घरेलू उपाय जिससे आप निपाह से दूर रह सकते हैं

• तुलसी

तुलसी एक एंटीबायोटिक का काम करती है। इसके नियमित उपयोग से आप खुद को इस संक्रमण से बचा सकते हैं।

• नीम

नीम का उपयोग करके भी आप बहुत सारे संक्रमण से दूर रह सकते हैं। इससे आपका रक्त भी शुद्ध होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

• गिलोय

इस दवाई के द्वारा किसी भी तरह के संक्रमण से बचना आसान होता है।

कपूर

संक्रमण से यदि आप बचना चाहते हैं तो आपको कपूर का इस्तेमाल भी ज़रूर से करना चाहिए। इसकी खुशबू से वायरस के असर को भी कम किया जा सकता है। इन सभी उपायों के द्वारा निपाह वायरस से प्रोटेक्शन (Nipah Virus Protection) हो सकता है।

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