डायबिटीज़ में फिट रहने के लिए करें एक्सपर्ट द्वारा बताई ये एक्सरसाइज़

by | Jun 17, 2020 | Diabetes, Self Care | 0 comments

डायबिटीज़ इस शब्द को सुनकर ही इंसान एक बार थोड़ा घबरा जाताहै। आजकल की जीवनशैली में इस बीमारी का होना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन ये बात भी सही है कि डायबिटीज़ के रहते हुए भी आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। एक्सरसाइज़ वो माध्यम है जिससे आप अपने सारे रोगों को दूर कर सकते हैं। वैसे तो एक्सरसाइज़ पूरे शरीर के लिए लाभदायक है। यह स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी ज़रूरी है ताकि वह अपने स्वास्थ्य को बनाए रख सके। लेकिन बीमारियों से गुजर रहे या अस्वस्थ लोगों के लिए भी व्यायाम उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए आप ब्रिस्क वॉक के अलावा योगा और डांस की प्रैक्टिस भी कर सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी दे रहे हैं डॉक्टर सचिन चित्तावार जो भोपाल में बतौर एक एंडोक्रायोनोलॉजिस्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

कैसे हो जाती है डायबिटीज़ की समस्या?

आपके शरीर में शुगर की मात्रा का बढ़ना और इसका असंतुलन हो जाना यानी डायबिटीज़, कई गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकता है। डायबिटीज़ की स्थिति में सबसे ज़रूरी है शुगर की मात्रा को नियंत्रण में रखना। अच्छी बात यह है कि खासतौर पर टाइप 2 डाइबिटीज़ में शुरूआती स्तर पर अधिकतर लोगों में केवल डाइट और सही व्यायाम से भी शकर की मात्रा नियंत्रण में आ सकती है। और कई बार तो इसके लिए डॉक्टर दवाइयां बंद करने की सलाह भी दे सकते हैं। लेकिन ये तभी हो सकता है जब आप पूरी सावधानी रखें। यह एक नियमित प्रक्रिया है और इसके लिए लगातार प्रयास करने होते हैं, एक-दो महीने नियमित रहकर फिर एक्सरसाइज़ छोड़ देना या असंतुलित डाइट पर आ जाना, स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

अनदेखा न करें डायबिटीज़ की समस्या को

जब भी आप डायबिटीज़ की गिरफ्त में आते हैं तो घबराने की आवश्यकता नहीं है पर डायबिटीज़ को अनदेखा करना भी सही नहीं है। आप जिसे जितना सीरियसली लेंगे उतना आपके ठीक होने की सम्भावना बढ़ेगी। वर्ना समय के साथ तो स्थिति और गंभीर होती जाएगी।

नियमित एक्सरसाइज़ का फायदा

रेग्युलर एक्सरसाइज़ आपके वजन को संतुलित रखती है और डायबिटीज़ के मामले में यह बहुत महत्वपूर्ण होता है। खासकर पेट पर बढ़ी चर्बी या मोटापा डायबिटीज़ की आशंका को बढ़ा सकता है। इसलिए एक्सरसाइज़ नियमित करें और हमेशा के लिए इसे जीवन का हिस्सा बना लें। यह वजन को संतुलित रखने के साथ ही ब्लड सर्कुलेशन और ब्लड प्रेशर को दुरुस्त रखेगा, अच्छी नींद लाने में मदद करेगा, मांसपेशियों और हड्डियों को मज़बूती देगा और शरीर में इन्सुलिन के संतुलन को भी बनाये रखेगा।

ब्रिस्क वॉक है महत्वपूर्ण

पहली बार के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेने में कोई हर्ज़ नहीं। एक बार अपने शरीर के हिसाब से आपको व्यायाम करने का तरीका पता चल गया तो फिर आप खुद भी इसे कंटीन्यू कर सकते हैं। डायबिटीज़ के मामले में खास फायदा देने वाले कुछ व्यायाम हैं। इन्हीं में ब्रिस्क वॉक सबसे अच्छी मानी जाती है। सुबह-शाम कम से कम आधा घंटा तेज़ गति से चलना या ब्रिस्क वॉक सबसे अच्छा, सुलभ और कारगर व्यायाम है। इसे किसी भी उम्र में और अधिकांश शारीरिक अवस्थाओं में अपनाया जा सकता है। ब्रिस्क वॉक आपको सुखद अनुभूति भी देती है।

डांस भी है एक अच्छा ऑप्शन

आपको बता दें की डांस करना न केवल शरीर के लिहाज से बल्कि दिमाग के लिए भी एक अच्छा व्यायाम है। यह कैलोरीज़ घटाने के साथ ही स्ट्रेस और तनाव को कम करने में भी मदद करता है। याद रखिये कि स्ट्रेस और तनाव भी डायबिटीज़ की आशंका को बढ़ाते हैं। इसलिए आप घर पर रहकर आसानी से डांस करके खुद को फिट रख सकते हैं। डांस के अलावा आप स्वीमिंग भी कर सकते हैं। यह एक ऐसा व्यायाम है जो पूरे शरीर को लय में लाने का काम करता है। अगर हफ्ते में तीन दिन भी इसे अपनाया जा सके तो बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। यह ऐसी एरोबिक एक्सरसाइज है जो जोड़ों पर दबाव डाले बिना अच्छे परिणाम देती है। दिल के लिए यह बहुत अच्छा व्यायाम है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी संतुलित रखता है। इसी तरह जिम वाली साइकल या असली साइकल भी जोड़ों को ज्यादा नुकसान पहुंचाए बिना डायबिटीज़ के मरीज़ों को बहुत फायदा पहुंचा सकती है।

टाइप-2 डायबिटीज से ग्रसित लोगों के लिए कारगर है योगा

शुगर के मरीज़ों के लिए योगा एक बहुत अच्छा व्यायाम है। खासकर टाइप-2 डायबिटीज़ में योगा बहुत लाभ पहुंचाता है। इसके अतिरिक्त एक बहुत अच्छा व्यायाम है सीढ़ियां चढ़ना। भोजन के कुछ समय बाद और काम के बीच-बीच में ब्रेक लेकर भी सीढ़ियां उतरने-चढ़ने का व्यायाम किया जा सकता है। पुश अप्स, सिट अप्स, लंजेस, स्क्वॉट्स और वजन उठाने जैसी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी डायबिटीज़ के रोगियों के लिए कारगर हो सकती है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के साथ ही मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने का भी काम करते हैं। योगा एक ऐसी प्राचीन विद्या है जिसमें खासतौर पर डायबिटीज़ पर नियंत्रण के लिए आसन हैं। इसका उपयोग भी हर उम्र का व्यक्ति कर सकता है। इसके अलावा ताई ची, बागवानी आदि जैसे भी व्यायाम भी अपनाए जा सकते हैं। कोशिश करें कि व्यायाम कम से कम 30 मिनिट्स का हो और हफ्ते में कम से कम 5 दिनों तक लगातार किया जाए। शुरुआत 5-10 मिनिट्स से करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। खुद को चोट लगने और शरीर पर अधिक दबाव पड़ने से बचाएं। अपनी डाइट का ख्याल रखें और फुटवेयर सही पहनें, यदि कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

तो आप भी डायबिटीज़ में ये सब एक्सरसाइज़ करें और खुद को स्वस्थ रखें। डायबिटीज़ में की जाने वाली एक्सरसाइज़ के फायदों पर आधारित ये पोस्ट आपको पसंद आयी हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

डायबिटीज़ से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे हेल्थ A-Z और सेल्फ केयर सेक्शन को देखें। इसी तरह की अन्य जानकारी के लिए वामा टुडे के हेल्थ सेक्शन को ज़रुर विज़िट करें।

Dr. Sachin Chittawar

Dr. Sachin Chittawar

M.D.M.

Endocrinologist, Bhopal