योगासन 15 दिन में दूर करेंगे पीसीओडी की समस्या

by | Oct 24, 2019 | Gynaecological Problems, Yoga | 0 comments

गायनेकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स से एक महिला की ज़िंदगी काफी प्रभावित होती है। लेकिन बात केवल यहीं तक नहीं रही, अब तो कम उम्र की लड़कियां भी इसका शिकार हो रही हैं। आपने पीसीओडी का नाम तो सुना ही होगा। जी हां आजकल ये समस्या कुछ ज़्यादा ही बढ़ चुकी है। खासकर कम उम्र की लड़कियों में ओवरियन सिस्ट की परेशानी ज़्यादा देखी जा रही है। इससे आगे जाकर बहुत सारी शारीरिक परेशानियां पैदा होती हैं। लेकिन साथ ही हम आपको बताएं कि इससे इतना डरने की भी ज़रूरत नहीं है। आप कुछ योगासन करके इस बीमारी से आसानी से छुटकारा पा सकती हैं। कुछ विशेष आसन जैसे भुजंगासन और उष्ट्रासन आप आसानी से कर सकती हैं। इसके अलावा सूर्य नमस्कार भी इस समस्या के लिए बहुत अच्छा उपचार है। बस आपको शारीरिक कसरत के साथ एक संतुलित दिनचर्या को भी अपनाना होगा। जितनी जल्दी इसे शुरू करेंगे उतना ही अच्छा होगा। बिना देर किये आपको इस बारे में जानकारी देते हैं।

पीसीओडी एक हॉर्मोनल विकार है

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम मतलब पीसीओडी, मूल रूप से हॉर्मोंस से जुड़ी एक बीमारी है। इस हॉर्मोनल असंतुलन के कारण पीरियड्स में अनियमितता देखने को मिलती है। यही नहीं पीसीओडी के कारण शरीर में और भी अनेक बदलाव देखने को मिलते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि समय पर इसका उपचार करवा लिया जाये। उपचार के साथ ही आप अपनी सेहत के लिए जितना प्रयत्न करेंगी आपको उतनी जल्दी लाभ होगा। इसमें घबराने की ज़रूरत नहीं है, सही उपचार से ये जल्दी से ठीक हो जाता है।

हर उम्र की महिला को प्रभावित करता है पीसीओडी

वैसे तो ये समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। लेकिन आजकल तो 10 साल की लड़की में भी पीसीओडी की परेशानी देखी जा सकती है। इसका कारण है आधुनिक जीवनशैली का तरीका। आजकल का खान-पान और आरामतलब जीवन भी इसके लिए ज़िम्मेदार है। पहले तो महिलाएं और लड़कियां इस पर ध्यान नहीं देती हैं, लेकिन समस्या जब बढ़ जाती है तो डॉक्टर को दिखाना ही पड़ता है। वैसे आपको बता दें कि ये कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। इसका इलाज भी है जो बहुत आसान है। आपको डॉक्टर की सलाह मानकर उस पर अमल करना चाहिए। इससे आप जल्दी से इस समस्या से मुक्ति पा सकती हैं।

योगासन आपको पीसीओडी से देंगे राहत

जी हां आयुर्वेद और योग महिलाओं से जुड़ी अनेक परेशानियों के निदान में कारगर है। अगर आप इस बारे में सोचेंगी तो पता चलेगा कि योगासन किस तरह आपके मददगार हो सकते हैं। वैसे जब तक आप खुद योगासन का अभ्यास करके नहीं देखेंगी तब तक आपको अनुभव नहीं हो सकता। नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास आपको हमेशा के लिए पीसीओडी से मुक्ति दिलवा देगा।

भुजंगासन से मिलेगा लाभ

आपको बता दें कि भुजंगासन वैसे तो अनेक बीमारियों में लाभकारी होता है। लेकिन पीसीओडी के लिए तो ये वाकई करामाती है। भुजंगासन पेट के बल लेटकर किया जाने वाला आसन है। इससे आपके पेट के नीचे वाले भाग का अच्छे से व्यायाम होता है। भुजंगासन अच्छे से सीखकर आप इसे अपने घर में ही कर सकती हैं। इससे आपको पीसीओडी में काफी राहत मिलती है।

उष्ट्रासन है बेहद कारगर

लोगों को लगता है कि उष्ट्रासन एक कठिन आसन है। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। उष्ट्रासन करते समय आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन सिर्फ शुरुआत में। इसके बाद शरीर में लचीलापन बढ़ता जायेगा आपके लिए ये आसान होता जायेगा। उष्ट्रासन आपकी कमर को लचीली बनाने के साथ आपको पीसीओडी से भी राहत देता है। लेकिन इसे शुरुआत में धीरे-धीरे से शुरू करें।

सूर्य नमस्कार सबसे बेहतर आसन है पीसीओडी के लिए

ये तो आपको पता ही होगा कि सूर्य नमस्कार एक सम्पूर्ण व्यायाम कहलाता है। सूर्य नमस्कार की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें आपके पूरे शरीर की एक्सरसाइज़ होती है। इससे शरीर के सभी अंगों को काफी लाभ पहुंचता है। इसी तरह सूर्य नमस्कार पीसीओडी में भी बहुत लाभ पहुंचाता है।

आप भी इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए इन आसनों को ज़रूर कीजिये। साथ ही इसके लिए किसी योग्य प्रशिक्षक से सलाह ज़रूर कीजिये।

ओवेरियन सिस्ट इनफर्टिलिटी की समस्या भी दे सकता है

अगर आप इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो संभव है कि ओवेरियन सिस्ट का आकार बढ़ जाये। इससे आपको आगे जाकर इनफर्टिलिटी का सामना भी करना पड़ सकता है। ओवेरियन सिस्ट अगर छोटा है तो उसका जल्दी से उपचार हो सकता है। और अगर ओवेरियन सिस्ट पानी के हैं तो ये और भी जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसलिए इसका उपचार ज़रूर करवाइए।

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