कहीं ये जाती हुई ठंड हार्ट को नुकसान न पहुंचा दे

by | Feb 11, 2020 | Heart Problems, Self Care | 0 comments

हार्ट प्रॉब्लम्स का कोई एक कारण नहीं होता है। इसके अनेक कारण हो सकते हैं। लेकिन कई बार इंसान इन कारणों को जान ही नहीं पाता है और समस्या का शिकार हो जाता है। अब देखिये ना कहा तो ये भी जाता है कि ठण्ड के मौसम में हार्ट का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। लोग ऐसा करते भी हैं, लेकिन फिर भी परेशानियां तो होती ही हैं। जैसे इस जाती हुई ठण्ड में भी हार्ट प्रॉब्लम्स बढ़ जाती हैं। क्योंकि इस समय शरीर को ऑक्सीजन का इतना सपोर्ट नहीं मिल पाता। फिर टेम्प्रेचर में उतार-चढ़ाव भी इसका कारण हो सकता है। जाती हुई ठण्ड और आती हुई गर्मी बड़ी खतरनाक हो सकती है। लेकिन ऐसा सबके साथ नहीं होता। हार्ट पेशेंट और बुज़ुर्ग लोगों पर इसका असर होता है। इसलिए इस दौरान हार्ट अटैक ब्लड क्लॉट या किसी अन्य वजह से भी हो सकता है। आइये विस्तार से चर्चा करें।

हार्ट का ध्यान रखना है ज़रूरी

जब भी किसी मौसम में बदलाव होता है तो आपको अपने स्वास्थ्य का ख़ास ध्यान रखना चाहिए। खासकर हार्ट पेशेंट को इस समय सावधानी रखनी चाहिए। आप क्या खा-पी रहे हैं? आपका रूटीन क्या है? ये सभी चीज़ें महत्वपूर्ण हो जाती हैं। बस थोड़ी देखभाल आपको स्वस्थ रखती है।

सिकुड़ जाती हैं हार्ट की धमनियां

आपको बता दें कि जाती हुई ठंड में टेम्प्रेचर का कम-ज़्यादा होना बड़ी बात नहीं है। इससे आपके दिल की धमनियां भी सिकुड़ जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह दिल की तरफ कम हो जाता है। इसके कारण हार्ट प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इसलिए ज़रूरी है कि बदलते मौसम के लिए आप डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

हार्ट पेशेंट को ज़्यादा देखभाल की है ज़रूरत

जी हां इस समय हार्ट पेशेंट को अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। इसका कारण है उनके हार्ट का पहले से कमज़ोर होना। तेज़ ठंड में तो हार्ट पेशेंट अपना ध्यान रखते ही हैं, लेकिन जाती हुई ठंड में भी सतर्कता की ज़रूरत होती है। हार्ट पेशेंट केवल इस समय डॉक्टर की सलाह पर ही काम करें। अपने मन से कोई ऐसा काम न करें जिससे कोई समस्या हो। हार्ट पेशेंट को जैसा खाना खाना चाहिये, वैसा ही खाएं। और भी जो हिदायतें डॉक्टर दें केवल उन पर अमल करें।

टेम्प्रेचर के फ्लकचुएट होने पर सतर्क हो जाएं

जब ठंड जाने वाली होती है तो टेम्प्रेचर कम-ज़्यादा होता है। लेकिन आम व्यक्ति इस बात को साधारण तरीके से ही लेता है। टेम्प्रेचर के इस फ्लकचुएशन को लेकर सतर्क रहें। कोशिश करें कि इस दौरान जितना साधारण तरीके से रह सकें रहें। जैसे बाहर का खाना, देर से सोना, व्यायाम न करना ये सब चीज़ें बंद कर दें। जब टेम्प्रेचर सम पर आ जाये तो आप निश्चिंत हो सकते हैं। लेकिन जाती हुई ठंड में मौसम ठंडा-गर्म हो सकता है।

ब्लड क्लॉट का जमना हो सकता है खतरनाक

सर्दियों के मौसम में ब्लड प्लेटलेट्स चिपचिपे हो जाते हैं। इसलिए ब्लड क्लॉट होने की संभावना भी बहुत बढ़ जाती है। ब्लड क्लॉट का बढ़ना आपके हार्ट के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं होता है। ब्लड क्लॉट से बचने के लिए डॉक्टर से सलाह करें। वह आपको जो भी उपाय बताएं उन्हें अपनाएं। इस तरह आप अपने हार्ट को सुरक्षित रख सकते हैं।

घर से बाहर निकलने का समय तय करें

जो भी हार्ट पेशेंट हैं उन्हें इस जाती हुई ठंड में घर से बाहर निकलते समय सावधानी रखना चाहिए। अगर सुबह तेज़ ठण्ड होती है तो मॉर्निंग वॉक पर न जाएं। थोड़ी देर बाद ही घूमने निकलें। अगर ठंडी हवा चल रही है तो अपने कानों, सिर और सीने को अच्छे से कवर कर लें। अगर तेज़ ठंड नहीं भी है तो भी कुछ गर्म कपड़े ज़रूर पहनें। ये न सोचें कि अब तो गर्मी आ चुकी है। खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

तो इस तरह से आप खुद को और अपने हार्ट को जाती हुई ठंड से सुरक्षित रख सकते हैं। जाती हुई ठंड में अपने दिल का ध्यान कैसे रखें, इस विषय पर आधारित ये पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

हार्ट प्रॉब्लम्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे हेल्थ A-Z और सेल्फ केयर सेक्शन को ज़रूर देखें। इसी तरह की जानकारी के लिए वामा टुडे के हेल्थ सेक्शन को ज़रूर विज़िट करें।