मेंटल स्ट्रेस को बढ़ा सकती है सेल्फी की आदत

by | Mar 5, 2020 | Mental Disorder, Self Care | 0 comments

मेंटल डिसऑर्डर आजकल एक आम बात है। कहने का अर्थ है कि आधे से अधिक लोग इसका शिकार बन चुके हैं। क्या आपको ये सुनकर आश्चर्य हुआ? ज़रूर हुआ होगा लेकिन सच्चाई यही है। दरअसल अब दिमागी परेशानियां इंसान के ऊपर बहुत अधिक हावी हो चुकी हैं। वो इनसे निकलने की कितनी भी कोशिश क्यों न करे पर उलझता ही जाता है। मेंटल स्ट्रेस से घिरा हर इंसान कई बार तो इसके कारणों को भी नहीं जान पाता। लेकिन जब कारण निकलकर आते हैं तो हैरानी के सिवाय कुछ हाथ नहीं लगता है। जैसे आप सेल्फी की आदत को ले लीजिये। क्या हुआ? आप इधर-उधर क्या देखने लगे, अजी हम फोन से ली जाने वाली सेल्फी की बात ही कर रहे हैं। विश्वास नहीं होता ना, पर ये सच है। जी हां ये आदत लो सेल्फ एस्टीम को जन्म देती है, साथ ही आपमें कॉम्प्लेक्स भी बढ़ाती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सेल्फी के कारण कॉस्मेटिक सर्जरी के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आइये जानें ऐसा क्यों है?

युवाओं का जूनून बन गयी है सेल्फी

आपको बता दें कि आजकल युवाओं में सेल्फी एक फैशन में रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। बात यहीं तक खत्म नहीं हो जाती है। सेल्फी की आदत एक स्टेटस सिंबल के रूप में विकसित होती जा रही है। जिसके अनेक दुष्प्रभाव देखने में आते हैं। इससे बचने के लिए सेल्फी की आदत में कमी लाना बहुत ज़रूरी है। क्योंकि इस जूनून के चलते लोग और किसी चीज़ के बारे में सोच ही नहीं पाते हैं।

बिना सेल्फी लिए दिन की शुरुआत नहीं होती

आपको ये भी बता दें कि कुछ लोगों की तो सुबह ही सेल्फी के साथ शुरू होती है। और रात भी सेल्फी के साथ ही खत्म होती है। लोग सेल्फी के जाल में इस कदर जकड़ चुके हैं कि न उन्हें खाने का होश रहता है न किसी और चीज़ की चिंता। बस दिन-भर एक ही काम सेल्फी लेना। अपने जीवन का न जाने कितना बहुमूल्य समय सेल्फी में ही खत्म हो जाता है।

कॉम्प्लेक्स बढ़ने लगता है लोगों का

अगर कहा जाये कि सेल्फी लोगों में कॉम्प्लेक्स भी बढ़ा रही है तो गलत नहीं होगा। दूसरे लोगों द्वारा पोस्ट किये फोटो देखकर कई बार लोगों में कॉम्प्लेक्स की भावना बढ़ती जाती है। इसके लिए कई बार लोगों में मेंटल स्ट्रेस बढ़ने लगता है। जिसके कारण वो अनेक तरह की गलतियों को अंजाम देने लगते हैं। कॉम्प्लेक्स बढ़ने से लोग तनाव की गर्त में चले जाते हैं।

लो सेल्फ एस्टीम को जन्म देते हैं हालात

जैसा हमने कहा कि सेल्फी की आदत एक नहीं बल्कि आपके लिए अनेक तरह की परेशानियों को लेकर आती है। दूसरों की सक्सेस देखकर न केवल आपकी जलन बढ़ती है। बल्कि इससे लो सेल्फ एस्टीम का जन्म भी होता है। लो सेल्फ एस्टीम की वजह से आप अपने किसी भी काम को ठीक से नहीं कर पाते और लगातार तनाव की गिरफ्त में जाते हैं। जी हां लो सेल्फ एस्टीम का बढ़ना हर लिहाज़ से व्यक्ति के लिए बुरा हो सकता है।

कॉस्मेटिक सर्जरी के बढ़ने का कारण भी है सेल्फी

बात आश्चर्य की ज़रूर है पर है चिंता वाली भी। क्या आप कभी ये सोच सकते हैं कि सेल्फी की आदत कॉस्मेटिक सर्जरी को भी बढ़ावा दे रही है। अच्छा दिखने की चाह में युवा लगातार कॉस्मेटिक सर्जरी की ओर बढ़ रहे हैं। न जाने कितने पैसे खर्च करके लोग कॉस्मेटिक सर्जरी से अच्छा लुक पाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि किसी तरह की विकृति हो तो बात समझ में भी आती है लेकिन बिना बात के कॉस्मेटिक सर्जरी की बात गले नहीं उतरती। लेकिन लोगों को समझाना भी इतना आसान नहीं है।

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मेंटल डिसऑर्डर से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे हेल्थ A-Z और सेल्फ केयर सेक्शन को ज़रूर देखें। इसी तरह की अन्य जानकारी के लिए वामा टुडे के हेल्थ सेक्शन को भी ज़रूर विज़िट करें।