पॉल्यूशन: तेज़ रफ़्तार से कम होती ज़िंदगी

by | Nov 26, 2019 | Pollution, Self Care | 0 comments

सेल्फ केयर को छोड़कर आप हर उस चीज़ को जानना चाहते हैं जो आपके फ़ायदे से जुड़ी है। अब भला ये बताइए कि आपको अपने आप से ही क्या दुश्मनी है? अपनी सेहत का ख्याल व्यक्ति को खुद रखना पड़ता है। लेकिन कई बार हम इतने ज़्यादा मजबूर हो जाते हैं कि चाहते हुए भी सेहत से समझौता करना पड़ता है। फिर हम इस सबमें बढ़ते हुए पॉल्यूशन को कैसे भूल सकते हैं? जी हां आजकल प्रदूषण इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन बना हुआ है। इसके कारण लोग न जाने कितनी सारी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसमें रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेस से लेकर एलर्जी और कैंसर जैसे भयानक रोग बढ़ रहे हैं। हेल्थ प्रॉब्लम्स के ज़्यादा होने का एक कारण कहीं न कहीं प्रदूषण ही है। एक तो वैसे ही हमारी लाइफस्टाइल बहुत बदल गई है। उस पर हर जगह से शुद्धता जैसे खत्म ही होती जा रही है। इसका शिकार न केवल बच्चे और बुज़ुर्ग, बल्कि अधिक संख्या में युवा भी हो रहे हैं। लोगों में इम्युनिटी कम होती जा रही है। अब प्रश्न ये है कि ऐसा क्या करें जो प्रदूषण को कम किया जा सके। साथ ही इस प्रदूषित वातावरण में खुद को कैसे स्वस्थ रखा जा सकता है। आइये इस बारे में और जानकारी लेते हैं।

हर उम्र पर असर डाल रहा है पॉल्यूशन

जी हां पॉल्यूशन का असर हर उम्र पर ही हो रहा है। इसी कारण सबमें समस्या भी बढ़ रही है। किसी को इन्फेक्शन की समस्या हो रही है तो किसी को कुछ और परेशानी। लोगों को पता भी नहीं है कि वह किस तरह के वातावरण में रह रहे हैं। न पीने के पानी में शुद्धता है न ली जाने वाली सांस में। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि अब तो पॉल्यूशन का असर मां के दूध पर भी हो रहा है। जी हां मां का वही दूध जिसे अमृत तुल्य माना जाता था। सोचिये कि स्थिति किस हद तक बिगड़ चुकी है।

मशीनों का अधिक उपयोग भी बनता है पॉल्यूशन का कारण

जिस तरह से लोग मशीनों के आदि हो चुके हैं, वह कहीं न कहीं पॉल्यूशन के लिए ज़िम्मेदार है। इतनी सारी गाड़ियों के बढ़ने से उनसे होने वाला प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। अब इन सब चीज़ों को रोकना तो हमारे हाथ में ही है। हम जितनी कम इलेक्ट्रिक चीज़ों का इस्तेमाल करेंगे, उतना ही अच्छा होगा। साथ ही प्रकृति के जितने करीब आयेंगे, उतनी ही हमारे जीवन को सुरक्षा मिलेगी।

हेल्थ प्रॉब्लम्स में तेज़ी से हो रहा है इज़ाफा

पॉल्यूशन के बढ़ने के साथ हेल्थ प्रॉब्लम्स भी तेज़ी से बढ़ रही हैं। आप अपने आस-पास भी सुनते ही होंगे, अमूमन घरों में हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ ही रही हैं। इसका संबंध प्रदूषण के साथ भी है। हम भी इसलिए बोल रहे हैं कि आपके स्वास्थ्य में बड़ा हाथ आपकी लाइफस्टाइल का भी होता है। अब ज़ाहिर-सी बात है कि इस तरह के हालात में जीने से जीवन तो प्रभावित होगा ही।

रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेस ले रही है गंभीर समस्या

अगर पॉल्यूशन ने किसी बीमारी को सबसे ज़्यादा बूस्ट किया है तो वो रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेस हैं। जी हां लोगों में रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेस तेज़ी से बढ़ रही हैं। एलर्जी के साथ दमा और फेंफडों का संक्रमण भी लोगों में बढ़ा है। रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेस में सबसे बड़ा हाथ उस दूषित ऑक्सीजन का है जो हम ग्रहण करते हैं। श्वसन के दौरान न जाने कितना ज़हर हम अपने अंदर लेते हैं। ऐसे में रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेस होना कोई बड़ी बात तो है नहीं।

एलर्जी की समस्या भी कर रही है परेशान

आपको बता दें कि प्रदूषण के कारण सिर्फ श्वसन रोग ही नहीं बल्कि एलर्जी से जुड़ी समस्या भी हो रही है। संभव है कि इस एलर्जी में त्वचा रोग भी शामिल हों। इसके अलावा फंगल इन्फेक्शन भी बड़ी संख्या में लोगों को हो रहे हैं। एलर्जी से जुड़ी बीमारी बढ़ने का कारण भी तो पॉल्यूशन है।

कैंसर की भयावहता भी जुड़ी है पॉल्यूशन के साथ

आपने गौर किया है कि दुनिया में कैंसर के मामले कितने बढ़ रहे हैं। देखा जाये तो कैंसर की बढ़ती समस्या का कारण पॉल्यूशन ही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन क एक रिपोर्ट के अनुसार अगले 10 सालों में दुनिया का एक बड़ा हिस्सा कैंसर की चपेट में होगा। है ना ये आंकड़ा डराने वाला? इसलिए ज़रूरी है कि आप अभी से सतर्क हो जाएं। कैंसर और ऐसी तमाम बीमारियों से बचने के लिए प्राकृतिक और शांत जीवन को अपनाएं।

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