पॉल्यूशन के कारण युवाओं में बढ़ रही हैं ये समस्याएं

by | Nov 28, 2019 | Pollution, Self Care | 0 comments

जिस तरह से पॉल्यूशन पूरी दुनिया पर काबिज़ है, उससे भविष्य बहुत डरावना नज़र आता है। कुछ सोचने-समझने की शक्ति जैसे खत्म हो चुकी है। लेकिन प्रदूषण का बढ़ना उसी रफ़्तार से जारी है। अब आप आज के युवाओं पर इसका प्रभाव ही देखिये। कम उम्र में न जाने कितनी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं हमारे युवा। यही नहीं पॉल्यूशन का असर युवाओं की फर्टिलिटी पर भी देखा जा सकता है। एलर्जी से लेकर स्किन इन्फेक्शन्स तक बड़ी संख्या में यंगस्टर्स इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। लंग कैंसर के अधिकतर मामले भी युवा अवस्था में देखे जा रहे हैं। इन सबके पीछे कारण एक ही है प्रदूषण। आई इन्फेक्शन के कारण आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। यही नहीं अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी बीमारी भी युवा लोगों का अपना शिकार बना रही है। मतलब घूम-फिरके बात वहीं पर आ पहुंचती है प्रदूषण। हमारा युवा वर्ग कब तक इस ज़हरीले वातावरण में अपनी ज़िंदगी को जियेगा?

हर चीज़ पर है पॉल्यूशन का असर

आप ही बताइए कि पॉल्यूशन का असर कहां नहीं है? हर जगह तो वही धुआं, वही गंदगी। कहां तक आप अपने आप को बचायेंगे। पानी दूषित है, हवा दूषित है ऐसे में बच पाना संभव नहीं। उस पर हमारे युवा वर्ग की आजकल की जीवनशैली। कहने का अर्थ है कि व्यवस्थित कोई चीज़ नहीं है। ऐसे में हम बीमारियों से कैसे बच सकते हैं?

कोई प्रयास नहीं हो रहा पॉल्यूशन को रोकने का

स्थिति जैसी थी यथावत ही है। न भारत में न दुनिया में कहीं और इसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जब कोई कोशिश नहीं होगी तो समस्या दूर कैसे होगी? यही कारण है कि युवा इसी वातावरण में जीने के लिए मजबूर है।

एलर्जी की भी बढ़ रही है समस्या

आपने देखा होगा कि युवाओं में एलर्जी से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। एलर्जी संबंधी बीमारियां जैसे खांसी, सर्दी या फिर सायनोसायटिस। हर 100 में से 30 लोग आपको एलर्जी की समस्या से जूंझते हुए मिल ही जायेंगे। ध्यान न देने पर यही एलर्जी बड़ा रूप ले लेती है।

प्रदूषण बन रहा है लंग कैंसर का कारण

एक स्वास्थ्य रिपोर्ट पर नज़र डालें तो पाएंगे कि युवाओं में लंग कैंसर भी तेज़ी से फैल रहा है। चूंकि पूरी हवा में ही ज़हर है तो वही सांस आपके अंदर जाती है। शरीर में मौजूद यही दूषित वायु लंग कैंसर का कारण बनती है। फिर युवाओं की जीवनशैली इतनी जल्दी से आगे बढ़ रही है कि श्वसन संबंधी व्यायाम भी वो नहीं करते हैं। अगर प्रणायाम और कुछ सूक्ष्म श्वसन व्यायाम किये जाएं तो लंग कैंसर से बचना ज़रूरी है। लंग कैंसर का एक बड़ा कारण धूम्रपान करना भी है।

फर्टिलिटी भी होती है प्रभावित

सुनने में आता है कि बहुत-से युवाओं को फर्टिलिटी संबंधी समस्या भी होती है। इससे उनका वैवाहिक जीवन भी प्रभावित होता है। फर्टिलिटी में कमी आने का कारण भी कहीं न कहीं प्रदूषण का होना भी है। यही तो कारण है कि जगह-जगह अनेक फर्टिलिटी सेंटर खुल गये हैं। पॉल्यूशन और लाइफस्टाइल भी फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं।

स्किन इन्फेक्शन्स युवाओं की है सबसे बड़ी समस्या

अच्छा आहार, अच्छी देखभाल के बावजूद भी युवाओं में स्किन इन्फेक्शन्स बढ़ रहे हैं। स्किन इन्फेक्शन्स की बड़ी वजह भी पॉल्यूशन ही है। इसके कारण स्किन डलनेस, ड्राईनेस, एक्ने और स्किन पैचेज़ होना आम बात है। पॉल्यूशन के कारण लोगों में गंभीर तरह के स्किन इन्फेक्शन्स भी बढ़ रहे हैं। स्किन इन्फेक्शन्स को दूर करने के लिए न जाने कितने पैसे पानी की तरह बहा दिए जाते हैं। लेकिन फिर भी कोई ख़ास प्रभाव नहीं होता।

आई इन्फेक्शन भी है एक गंभीर समस्या

यंग लोगों में आई इन्फेक्शन भी आम बात हो गई है। आई इन्फेक्शन के कारण उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। आपको बता दें कि आई इन्फेक्शन भी प्रदूषण के कारण ही होता है। इसके चलते लोगों का जीवन भी प्रभावित होता है। यही नहीं आई इन्फेक्शन जैसी समस्या तनाव का कारण भी बनती है।

तो प्रदूषण के कारण ये सारी समस्याएं पैदा होती हैं। खासकर हमारा युवा वर्ग इन दिनों बड़ी कठिनाई का सामना कर रहा है। 

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