साउंड पॉल्यूशन के असर से बेहरे भी हो सकते हैं आप

by | Nov 27, 2019 | Pollution, Self Care | 0 comments

हियरिंग प्रॉब्लम आज एक बड़ी समस्या बन चुकी है। जिसके चलते अनेक लोगों की श्रवण शक्ति कमज़ोर हो जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण है साउंड पॉल्यूशन का होना। जी हां इसका परिमाण हियरिंग लॉस के रूप में भी हो सकता है लाउड म्यूज़िक के अलावा ट्रैफिक का शोर और अन्य बहुत सारे कारण भी इस समस्या के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। देखने में आ रहा है कि कम उम्र के लोग भी बहुत जल्दी इसकी चपेट में आ रहे हैं। संभव है कि ये बीमारी लाइफस्टाइल के बदलावों के साथ जुड़ी हुई हो। हियरिंग प्रॉब्लम्स के अपने कुछ प्रकार होते हैं। ये प्रकार तीव्रता के आधार पर तय होते हैं। कॉज़ेज़ ऑफ़ नॉइज़ पॉल्यूशन को पहचानकर इसे दूर करना ज़रूरी है। वर्ना इसके बहुत अधिक गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हमारी लाइफस्टाइल में भी यदि कुछ बदलाव किये जाएं तो इस समस्या से बहुत हद तक बचा जा सकता है। आइये इस संबंध में विस्तार से जानते हैं।

वैश्विकरण ने बढ़ावा दिया है साउंड पॉल्यूशन को

विकास की गति के साथ दुनिया में तेज़ी से परिवर्तन होना शुरू हुए। इन परिवर्तनों का असर अच्छे रूप में भी सामने आया और बुरे रूप में भी। वैश्वीकरण ने अपने साथ कुछ ऐसी समस्याओं को भी शामिल कर लिया जो आज मनुष्य के लिए मुसीबत बन गई। साउंड पॉल्यूशन भी ऐसी ही एक समस्या है। औद्योगिकीकरण के चलते नई-नई मशीने सामने आयीं। इनसे व्यक्ति की कार्यक्षमता तो बढ़ी लेकिन सेहत पर बुरा असर हुआ। अब दुनिया के साथ कदम मिलाना है तो कुछ चीज़ों के बारे में तो सोचना पड़ेगा। ऐसे में मनुष्य सेहत को दर किनार कर आगे बढ़ता गया। आज साउंड पॉल्यूशन के अलावा भी प्रदूषण से जुड़ी अनेक परेशानियां सिर उठा रही हैं।

लाउड म्यूज़िक भी कारण है साउंड पॉल्यूशन का

कुछ लोगों को लाउड म्यूज़िक सुनने का शौक होता है। खासकर युवा लोगों को लाउड म्यूज़िक बहुत पसंद होता है। कान में हेड फोन लगाकर संगीत का आनंद लेना बुरा नहीं है। लेकिन शायद आप जानते नहीं कि लाउड म्यूज़िक हियरिंग लॉस का कारण बन सकता है। इसके अलावा बाज़ार में बजने वाला तेज़ म्यूज़िक कानों पर जैसे एसिड का काम करता है। इसलिए अगर आपको भी लाउड म्यूज़िक सुनने का शौक है तो उसे सुधार लें।

बढ़ती पॉप्युलेशन भी एक कारण है साउंड पॉल्यूशन का

दुनिया में जिस तरह से पॉप्युलेशन बढ़ रही है वह अनेक परेशानियों का कारण बन रही है। इससे मनुष्य का स्वास्थ्य भी अछूता नहीं है। हर ओर लोगों की भीड़, गाड़ियों का शोर, लाउड स्पीकर की ज़ोरदार आवाज़। ये सभी तो वजह हैं साउंड पॉल्यूशन की। अब ऐसे में हियरिंग प्रॉब्लम्स नहीं बढेंगी तो फिर क्या होगा। फिर इन तेज़ आवाजों से अपने आप को बचाकर रखना भी तो मुश्किल है। अब ज़रूरत है कि बढ़ती पॉप्युलेशन को कंट्रोल किया जाये। वर्ना इस पॉप्युलेशन के कारण पता नहीं क्या होगा।

बच्चों में भी बढ़ रही हैं हियरिंग प्रॉब्लम्स

ऐसा नहीं है कि सिर्फ बड़ों में ही हियरिंग प्रॉब्लम्स बढ़ रही है। साउंड पॉल्यूशन के कारण बच्चों में भी हियरिंग प्रॉब्लम्स देखी जा रही हैं। पूरे समय शोर-शराबे के बीच रहना। तेज़ आवाजों को सुनना। हेड फोन या हैंड्स फ्री का बहुत अधिक प्रयोग करने से हियरिंग प्रॉब्लम्स होना कोई बड़ी बात नहीं है। संभव है कि इससे बच्चे को हियरिंग लोस की समस्या भी हो जाये। क्योंकि कान के पर्दे बहुत नाज़ुक होते हैं। इन पर शोर बहुत बुरा असर डालता है।

कॉज़ेज़ ऑफ़ नॉइज़ पॉल्यूशन

आपको कॉज़ेज़ ऑफ़ नॉइज़ पॉल्यूशन के अनेक उदहारण तो देखने में आते ही होंगे। जैसे मनोरंजन भी कॉज़ेज़ ऑफ़ नॉइज़ पॉल्यूशन में शामिल किया जा सकता है। आप पूछेंगे कैसे? तो आपको बता दें कि एंटरटेनमेंट के ऐसे अनेक स्त्रोत हैं जो साउंड पॉल्यूशन पैदा करते हैं। धार्मिक उत्सव हो या शादी आमतौर पर तेज़ संगीत के साथ अलग-अलग आवाज़ें परेशान करती हैं?  पर क्या आप जानते हैं कि ये ध्वनियां आपके स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक होती हैं। इससे आपके मानसिक स्वास्थ्य पर तो असर होता ही है। साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। यहां तक की आपको हियरिंग लॉस भी हो सकता है।

कॉज़ेज़ ऑफ़ नॉइज़ पॉल्यूशन में शहर का डेवलपमेंट प्रोसेस भी ज़िम्मेदार माना जाता है। नई-नई चीज़ों के निर्माण में तोड़-फोड़ और अनेक आवाज़ें होती ही हैं। इसके अलावा आजकल इतने सारे तो कारखाने बन गये हैं। उनमें निरंतर काम का होना समस्या पैदा करता है। इसलिए स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले इन कारणों से आप जितने दूर रहेंगे अच्छा होगा।

ध्यान न देने पर हो सकता है हियरिंग लॉस

अगर आप लंबे समय तक इन समस्याओं पर ध्यान नहीं देते तो हियरिंग लॉस होना बड़ी बात नहीं। घबराइए नहीं एकदम से हियरिंग लॉस किसी को नहीं होता। लेकिन आप ऐसे कारणों के बीच रहेंगे जो साउंड पॉल्यूशन से जुड़े हैं तो हियरिंग लॉस की संभावना बढ़ती है।

कैसे दूर कर सकते हैं इस समस्या को?

इस समस्या को दूर करने के लिए आपको अपने स्तर पर भी प्रयास करने ही होंगे। सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कॉज़ेज़ ऑफ़ नॉइज़ पॉल्यूशन को जानना। फिर ऐसी कुछ योजना बनाई जानी चाहिए जो आपको साउंड पॉल्यूशन से सुरक्षित रखे। जैसे अपने स्तर पर आप तेज़ म्यूज़िक सुनने की आदत को कम कर दें। हेड फोन का बहुत अधिक इस्तेमाल न करें। जहां बहुत तेज़ आवाज़ हो रही है वहां से कुछ समय के लिए हट जाएं।

संभव है कि आपका घर ऐसे स्थान पर हो जहां बहुत आवाज़ होती हो। ऐसे में आप घर में साउंड प्रूफ खिड़की लगवायें। कुछ समय ऐसे स्थान पर व्यतीत करें जहां बहुत शांति हो। बाहर जाते समय कानों को अच्छे से बंद कर लें। इससे बाहर की आवाज़ का असर कम हो जाता है। थोड़े दिनों के लिए किसी नेचर साइट पर जाएं। इससे आपको बहुत अच्छा महसूस होगा।

कानों की देखभाल के लिए आप किसी विशेषज्ञ से भी सलाह ले सकते हैं। इससे आपकी जानकारी में भी इज़ाफा ही होगा। तो आप भी अपने स्तर पर जो बचाव कर सकते हैं उन्हें ज़रूर कीजिये और अपनी श्रवण शक्ति को बचाकर रखिये।

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हियरिंग प्रॉब्लम से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे हेल्थ A-Z और सेल्फ केयर सेक्शन को ज़रूर देखें। इसी तरह की अन्य जानकारी के लिए वामा टुडे के हेल्थ सेक्शन को ज़रूर विज़िट करें।