प्रीमैच्योर बेबी : क्या ज़रूरी है पेरेंट्स के लिए जाननाॽ

by | Dec 9, 2019 | Pregnancy & Parenting | 0 comments

प्रेग्नेंसी एंड पेरेंटिंग सेक्शन में आज हम आपको जानकरी देने वाले हैं प्रीमैच्योर बेबी के बारे में। जी हां समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चे प्रीमैच्योर बेबी कहलाते हैं। ऐसे बच्चों का जन्म लेने का कोई एक कारण नहीं होता। प्रीमैच्योर का अर्थ होता है अपरिपक्व। मतलब जिसके परिपक्व होने में अभी बहुत समय है। लेकिन फिर भी किसी विशेष कारण से वह वक्त से पहले ही जन्म ले चुका है। ऐसे बच्चों की विशेष देखभाल की ज़रूरत होती है। क्योंकि ये बच्चे बहुत कमज़ोर होते हैं। इन बच्चों में इन्फेक्शन की संभावना भी बहुत होती है। जन्म के दौरान इनका लो बॉडी टेम्प्रेचर होता है। क्योंकि इन बच्चों में पानी की कमी हो जाती है। इसके अलावा इनमें जन्म के साथ ही हार्ट प्रॉब्लम्स की आशंका भी होती है। इन बच्चों में अक्सर जन्म के समय ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स भी हो जाती है। इसके भी अनेक कारण हो सकते हैं। आइये जानते हैं कि ऐसे बच्चों का जन्म क्यों होता है और आपको क्या सावधानियां रखना चाहिएॽ

प्रीमैच्योर बेबी की कब बनती है संभावनाॽ

हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि प्रीमैच्योर बेबी अनेक कारणों से हो सकता है। जैसे किसी महिला को पहले भी प्रीमैच्योर बेबी हो चुका है। या फिर इनविन्ट्रो फर्टिलाइज़ेशन के द्वारा गर्भधारण किया गया हो। इसके अलावा महिला को सिगरेट, शराब आदि बुरी चीज़ों की लत हो। जननांगों में किसी तरह की समस्या होना। मां का अधिक कमज़ोर होना या किसी तरह का कोई इन्फेक्शन होना। इसके अलावा प्रसव के समय उच्च रक्तचाप या डायबिटीज़ का होना। पहले किसी कारण से गर्भपात हो चुका हो तो भी प्रीमैच्योर बेबी की संभावना बनती है। इसके अलावा भी इस स्थिति के लिए अनेक कारण ज़िम्मेदार हो सकते हैं।

पहले से पता नहीं चलता प्रीमैच्योर बेबी के जन्म का

जी हां, ये कोई भी पहले से नहीं जान सकता कि प्रीमैच्योर बेबी होगा या नहीं। इस तरह के बच्चों के जन्म लेने की स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट होती जाती है। लेकिन इस परिस्थिति में घबराने की ज़रूरत नहीं होती है। सही तरह से प्रीमैच्योर बेबी की देखभाल की जाये तो वह बड़ा होकर के स्वस्थ बच्चा बन सकता है।

ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स हो सकती हैं बच्चे को

जन्म के समय बच्चे को ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। क्योंकि प्रीमैच्योर बेबी अनेक विकृतियों को लेकर जन्म लेता है। ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स के कारण कई बार बच्चे को बचाने में मशक्कत करना पड़ती है। संभव है कि उसके लंग्स में पानी भर गया हो। या फिर बच्चे का मस्तिष्क और फेंफडे ठीक से डेवलप न हुए हों। इस वजह से भी उसे ब्रीदिंग प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।

इन बच्चों में हार्ट प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं

समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में अनेक तरह की हार्ट प्रॉब्लम्स भी पाई जाती हैं। दिल में जन्म से छेद के बारे में तो आपने सुना होगा। हार्ट प्रॉब्लम्स के कारण कुछ बच्चों की तो जन्म लेते ही मृत्यु भी हो जाती है। हार्ट प्रॉब्लम्स में निम्न रक्तचाप की समस्या भी बहुत देखी जाती है। ऐसे समय में सतर्कता रखना बहुत ज़रूरी है।

इन बच्चों में लो बॉडी टेम्प्रेचर भी देखा जाता है

टाइम से पहले जन्मे मतलब प्रीमैच्योर बेबी में लो बॉडी टेम्प्रेचर की समस्या भी देखने में आती है। प्रीमैच्योर बेबी नाज़ुक, कमज़ोर होते हैं। यही कारण है कि उनका लो बॉडी टेम्प्रेचर होता है। लो बॉडी टेम्प्रेचर के चलते उन्हें सांस लेने में भी समस्या होती है। क्योंकि उनके शरीर का सारा पानी सूख जाता है। इसलिए इन प्रीमैच्योर बेबी को इनक्युबेटर में रखा जाता है।

प्रीमैच्योर बेबी को जल्दी हो जाता है संक्रमण

संक्रमण की समस्या प्रीमैच्योर बेबी को अपना शिकार जल्दी बना लेती है। ये संक्रमण किसी भी रूप में बच्चे को हो सकता है। जैसे खून में होने वाला संक्रमण या किसी अन्य तरह का संक्रमण। इसलिए प्रीमैच्योर बेबी को बिलकुल अलग रखा जाता है।

इसलिए गर्भावस्था में महिला का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए और चिकित्सक द्वारा बताई सभी बातों को ध्यान देना चाहिए।

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इस तरह की अन्य जानकारी के लिए हमारे प्रेग्नेंसी एंड पेरेंटिंग सेक्शन को ज़रूर देखें। बच्चों की देखभाल से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए वामा टुडे के पेरेंटिंग सेक्शन को भी ज़रूर विज़िट करें।