प्रेग्नेंसी डाइट : होने वाले बच्चे की सेहत को लेकर अपनाएं सही मील प्लान

by | Nov 29, 2019 | Pregnancy & Parenting | 0 comments

प्रेग्नेंसी एंड पेरेंटिंग केवल महिलाओं से जुड़े विषय नहीं हैं। इसमें पुरुषों का भी एक अहम किरदार होता है। गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का सबसे विशिष्ठे समय होता है। मातृत्व की खुशी और चुनौतियां शुरू होने वाली होती हैं। गर्भावस्था के दौरान आहार कई भूमिकाएं निभाता है। जी हां प्रेग्नेंसी डाइट बच्चे के विकास के लिए बहुत ज़रूरी होती है। जैसे बढ़ते हुए बच्चे की देखभाल और पोषण करना। बच्चे के विकास में सहयोग करना। मां के शरीर को प्रसव और स्तनपान के लिए तैयार करना। साथ ही साथ मां के स्वास्थ्य को सही बनाये रखना। इसलिए गर्भावस्था में नियमित रूप से संतुलित आहार लेना और वजन की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। इसके अलावा सही मील प्लान में फाइबर फूड्स और आयरन रिच फूड्स भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस दौरान कैल्शियम रिच फूड्स को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। गर्भावस्था के लिए आप क्या आहार ले सकती हैं इस बारे में जानकारी दे रही हैं डॉक्टर तेजस लिमये। डॉक्टर तेजस एक पोषण विशेषज्ञ हैं, जो आदित्य बिड़ला मेमोरियल हॉस्पिटल, पुणे में अपनी सेवायें दे रही हैं।

बच्चे और मां दोनों के लिए महत्वपूर्ण है प्रेग्नेंसी डाइट

जैसे ही महिला के गर्भवती होने की पुष्टि होती है, तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठता है। महिला को उसके आहार और गतिविधियों को लेकर कई सलाह दी जाती हैं। लेकिन दुर्भाग्य से, उनमें से अधिकांश अतार्किक होती हैं। कोई भी सही प्रेग्नेंसी डाइट के बारे में नहीं जानता। यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है कि गर्भावस्था के दौरान आहार बच्चे के विकास को प्रभावित करता है। बल्कि यह उनके वयस्क होने पर विभिन्न बीमारियों के होने के जोखिम को भी प्रभावित करता है। इसलिए इस बहुमूल्य समय के दौरान विशेषज्ञों से प्रेग्नेंसी डाइट के बारे में मार्गदर्शन लेने की सलाह दी जाती है।

सही प्रेग्नेंसी डाइट संतुलित रखती है आपका वज़न

गर्भावस्था एक ऐसा चरण है जहां अधिकांश महिलाएं परिवार के सदस्यों से लाड़ प्यार चाहती हैं। अक्सर यह भावनाएं उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों और मिठाइयों के सेवन का रूप ले लेती हैं। लेकिन यहां तो ज़रूरत कुछ और ही चीज़ों की होती है। कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक खाने (दो व्यमक्तियों जितना खाने) के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जी नहीं बल्कि प्रेग्नेंसी डाइट में केवल संतुलन का होना ज़रूरी है। यदि आपकी प्रेग्नेंसी डाइट बैलेंस्ड है तो आपका वज़न भी बैलेंस्ड रहेगा।

मील प्लान में गड़बड़ी पैदा करती हैं समस्याएं

निचले सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि वाली माताओं में कम गुणवत्ता वाले आहार लेने के कारण बहुत कम वजन बढ़ता है। कारण साफ़ है उनके मील प्लान में संतुलन स्थापित नहीं हो पाता है। ऐसे में कम प्रतिरक्षा और विलंबित विकास के साथ कम वज़न वाले बच्चे के जन्मप का खतरा बढ़ जाता है। मील प्लान सभी गर्भवती महिलाओं के लिए ज़रूरी है। क्योंकि पोषण की ज़रूरत तो सबको है।

इसलिए किसी विशेषज्ञ से जानकार आप उचित मील प्लान फॉलो करें। कमज़ोर आर्थिक स्थिति में रह रही महिलाओं के लिए सरकार अनेक सुविधाएं मुहैया करवाती हैं। इसमें संतुलित पोषण की सुविधा भी दी जाती है।

फाइबर फूड्स को ज़रूर शामिल करें

सभी पोषक तत्वों का सही संतुलन प्रदान करने वाले प्रेग्नेंसी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। जिसमें फाइबर फूड्स जैसे साबुत अनाज, दालें, अंकुरित अनाज, फल, सब्जियां शामिल हैं। फाइबर फूड्स का सेवन आपके मांसपेशियों की मज़बूत बनाता है। जिससे बच्चे को जन्म देते समय आपको अधिक समस्या नहीं होती है। फाइबर फूड्स आपकी पाचन क्रिया को भी सुचारू बनाये रखता है। वर्ना गर्भावस्था में पाचन से संबंधित परेशानियां मुश्किलें पैदा करती हैं।

अधिकांश प्राकृतिक खाद्य पदार्थ खाने के लिए सुरक्षित हैं। पैक किये और प्रसंस्कृ त भोजन से बचें। शक्कर, जूस, शीतल पेय, मिठाई और चॉकलेट का सेवन सीमित रखें। आहार में नीबूं पानी, नारियल पानी, छाछ, सूप जैसे तरल पदार्थों को शामिल करें। भोजन के साथ तरल पदार्थ न पिएं। दो भोजन के अन्त।राल में उनका सेवन करें।

आयरन रिच फूड्स को बिलकुल अनदेखा न करें

आहार में आयरन रिच फूड्स जैसे सूखे खजूर, काली किशमिश, हलीम के बीज, पत्तेदार सब्जियां, काले तिल, रागी शामिल करें। इसके अलावा गाजर और ब्रोकली भी आयरन रिच फूड्स के अच्छे स्त्रोतों में शामिल होती हैं। आपको बता दें कि आयरन रिच फूड्स किसी भी क़ीमत पर गर्भवती महिला को खाना ही चाहिए।

कैल्शियम रिच फूड्स भी गर्भवती महिला के लिए ज़रूरी है

आहार में कैल्शियम रिच फूड्स पदार्थ जैसे दूध और दूध से बने पदार्थ, राजगिरी, तिल, रागी शामिल करें। कैल्शियम रिच फूड्स में अधिकतर मिल्क प्रोडक्ट ही आते हैं। अपने विशेषज्ञ से सलाह लेकर कैल्शियम रिच फूड्स की सही जानकारी ले लें। चाय, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कार्बोनेटेड पेय, चॉकलेट, केक आदि से बचें।

 

नमूना आहार योजना

 
भोजन समयभोजनसूची
सुबह जल्दीभिगोए हुए बादाम/काली किशमिश/अखरोट/खजूर+हलीम खीर/रवा खीर/सत्तू की खीर/रागी खीर
नाश्तापोहे/उपमा/पराठा/थालीपीठ – सब्जियां डालकर इडली/उत्तपम/डोसा + सांभर
मध्य सुबहनारियल पानी/नीबू पानी/सूप/1 फल
दोपहर का भोजनसलाद (1 कटोरी) + चपाती(2) + ब्राउन चावल (1 कटोरी)
+ सब्जी (1 कटोरी) + तिल/हलीम चटनी +
दाल/उसल (1 कटोरी) + छाछ (1 गिलास)
शाम खजूर मिल्कशेक/खाकरा/अंकुरित चाट/न्यूट्री भेल /सोयमिल्क
रात्रिदोपहर के भोजन के समान/मिक्स आटा घवन/थालीपीठ/भाकरी/मूंग दाल- सब्जी खिचड़ी आदि।
रा‍त्रि में सोते समयदूध + शतावरी कल्प (2 चम्मच)

तो इस तरह से प्रेग्नेंसी डाइट को फॉलो करें और अपना और होने वाले बच्चे का स्वास्थ्य बनाये रखें।

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इसी तरह की जानकारी के लिए हमारे प्रेग्नेंसी एंड पेरेंटिंग सेक्शन को ज़रूर देखें। गर्भावस्था के संबंध में और जानकारी के लिए वामा टुडे के पेरेंटिंग सेक्शन को ज़रूर विज़िट करें।

Dr. Tejas Limaye

Dr. Tejas Limaye

M.Sc. Ph.D, RD, Clinical Nutritionist,

Certified Diabetes Educator, Joint Secretary, Pune chapter, Indian Dietetic Association (IDA), Diabetes Unit, KEM Hospital Research Center, Pune, Aditya Birla Memorial Hospital, Chinchwad