इन प्राकृतिक तरीकों से आप भी बढ़ा सकती हैं ब्रैस्ट मिल्क

by | Feb 24, 2020 | Pregnancy & Parenting | 0 comments

प्रेगनेंसी एंड पेरेंटिंग में एक मां की भूमिका बहुत अहम होती है। क्योंकि मां का एक बच्चे के साथ जो रिश्ता होता है उसे सबसे अनमोल माना जाता है। बच्चे की परवरिश मां के लिए कोई काम नहीं है। बल्कि उसके लिए जीवन को जीने का एक महत्वपूर्ण ज़रिया है। अपने बच्चे के साथ ही तो वो फिर से सपनों को जीना शुरू करती है। बच्चे के स्वास्थ्य से बढ़कर उसके लिए और कोई चीज़ मायने नहीं रखती है। अब जैसे आप ब्रैस्टफीडिंग को ही ले लीजिये। जी हां आप तो जानते ही हैं कि ब्रैस्ट मिल्क बच्चे के लिए कितना ज़रूरी होता है। लेकिन कई बार माओं को कम दूध उतरता है। जिससे बच्चे भूखे रह जाते हैं और रोते रहते हैं।

इससे बचने के लिए आप प्राकृतिक चीज़ों का प्रयोग कर सकती हैं। इन चीज़ों का उपयोग आपको बिना किसी नुकसान के बहुत लाभ देता है। जैसे आप शतावरी का प्रयोग कर सकती हैं। ये ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में सबसे असरदार माना जाता है। इसके अलावा आपको हेल्डी फ़ूड भी खाना चाहिए। बहुत-सी महिलाओं को ब्रैस्ट पंप का उपयोग करने की आदत होती है। इससे भी आपका ब्रैस्ट मिल्क बढ़ता है। इसके अलावा आप मेथी दाना और ओटमील का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। आइये आपको इस बारे में और जानकारी दी जाये।

अनेक कारणों से कम हो सकता है ब्रैस्ट मिल्क

आजकल नयी माओं में ये समस्या बहुत ज़्यादा देखने में आ रही है। उनमें ब्रैस्ट मिल्क का प्रोडक्शन बहुत कम हो गया है। इसके पीछे बहुत सारे कारण ज़िम्मेदार हो सकते हैं। जैसे अधिक उम्र में मां बनना, गर्भावस्था में ज़्यादा तनाव लेना। इसके अलावा यदि महिला की पहले सर्जरी हुई हो या उसका थायरोइड संतुलित न हो। मधुमेह के कारण भी महिला के स्तन में दूध की मात्रा कम हो जाती है।

कैसे पहचानें कि बच्चे को पर्याप्त ब्रैस्ट मिल्क नहीं मिल पा रहा?

कई बार महिला को समझ में ही नहीं आता है कि बच्चे को सही मात्रा में ब्रेस्ट मिल्क मिल रहा है या नहीं। लेकिन कुछ ऐसे संकेत होते हैं जिन्हें बच्चा अक्सर व्यक्त करता है। लेकिन इसे समझने में हम गलती कर बैठते हैं। जब बच्चे को पर्याप्त ब्रैस्ट मिल्क नहीं मिलता तो वो लगातार रोता रहता है। इसके अलावा बच्चे का यूरिन भी बहुत कम आता है। अमूमन 3-4 माह के बच्चे को सही मात्रा में ब्रैस्ट मिल्क मिलने पर वह 7-8 बार यूरिन डिस्चार्ज करता है। लेकिन जब ऐसा नहीं होता तो यूरिन डिस्चार्ज भी कम हो जाता है।

दूध बढ़ाने के लिए सबसे सही विकल्प है शतावरी

अगर आपको भी ब्रैस्ट मिल्क का कम प्रोडक्शन होता है तो आप शतावरी का उपयोग करके देखिए। शतावरी आपमें दूध की मात्रा को काफी बढ़ा देती है। को बता दें शतावरी एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसके प्रयोग से किसी तरह की हानि नहीं होती है।

ओटमील का प्रयोग भी है लाभदायक

आप चाहें तो आप ओटमील का प्रयोग भी कर सकती हैं वैसे भी ओटमील स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यदि आप चाहती हैं कि आपके बच्चे को पर्याप्त दूध मिले तो आप ओटमील का सेवन करें। ओटमील महिला में ब्रैस्ट मिल्क के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। इसके गुणकारी लाभ आपके शरीर को तो फायदा पहुंचाते ही हैं साथ ही आपके स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ाते हैं।

मेथी दाना भी दे सकता है लाभ

जी हां मेथी दाना भी स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ा देता है। नियमित रूप से मेथी दाना वैसे भी अनेक लाभ देता है। आप इसे किसी भी रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। बच्चे के जन्म के बाद तो मेथी दाना आपको और भी अनेक लाभ पहुंचाता है।

ये सारी चीज़ें आपके स्तनों में दूध की कमी को दूर कर देती हैं। तो आप भी इनका उपयोग करके ज़रूर देखिए। ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने के उपाय पर आधारित ये पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखे और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

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