बच्चे के साथ मां के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा होती है एक्टोपिक प्रेगनेंसी

by | Feb 25, 2020 | Pregnancy, Pregnancy & Parenting | 0 comments

प्रेग्नेंसी में इन दिनों बहुत सारे बदलाव देखे जा रहे हैं। कई नयी बातें भी सामने आ रही हैं। खैर जिस तरह से हालात बदल रहे हैं, उस तरह से चीज़ों का बदलना भी लाज़मी है। ऐसे में अब मातृत्व भी अनेक मायनों में परिवर्तन से दो-चार हो रहा है। वैसे अभी हम जिस विषय के बारे में आपको बता रहे हैं वो नया नहीं है। जी हां हम एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बारे में ही आपको बताने वाले हैं। क्या आपने कभी इसके बारे में सुना है? शायद न भी सुना हो, लेकिन हम बता दें कि ये बहुत विषम अवस्था होती है। इसमें बच्चा गर्भाशय की जगह फैलोपियन ट्यूब में ठहर जाता है। कहने का अर्थ है कि गर्भ अपने निश्चित स्थान की जगह कहीं और स्थापित हो जाये। अब सोचने वाली बात है ऐसे में बच्चे का विकास कैसे हो सकेगा? सही समय पर एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सिम्पटम्स को पहचानकर उसका उपचार हो सकता है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट के लिए एक अनुभवी डॉक्टर का होना ज़रूरी होता है। अब एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कॉज़ेज़ को जानने के लिए आप इस लेख को पूरा पढ़िए ।

क्या है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी?

जैसा हमने बताया कि इस अवस्था में भ्रूण को जहां होना चाहिए वो वहां न होकर दूसरी जगह स्थापित होता है। ऐसे में मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी को अस्थानिक गर्भावस्था के नाम से भी जाना जाता है। फ़र्टिलाइज़्ड एग के जुड़ने की सबसे सुरक्षित जगह होती है महिला का गर्भाशय। लेकिन कुछ रेयर मामलों में ये गर्भाशय में न जुड़कर बाहर फैलोपियन ट्यूब में जुड़ जाता है। तो गर्भावस्था की इसी अवस्था को एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहते हैं।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी खतरा बढ़ाती है मां और बच्चे के लिए

जब इस तरह की प्रेग्नेंसी स्थापित हो जाती है तो बड़ी असुविधाजनक स्थिति बन जाती है। फैलोपियन ट्यूब में बच्चा बढ़ नहीं पाता है और ऐसा होना उसकी जान के लिए खतरा बन जाता है। यही नहीं जब गर्भाशय से बाहर भ्रूण विकसित होता है तो वह शरीर के अन्य अंगों पर भी प्रभाव डालता है। इससे होने वाली मां की जान का जोखिम भी बढ़ जाता है। यदि सही समय पर उपचार नहीं किया जाये तो मां और बच्चे की मौत भी हो सकती है।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सिम्पटम्स

यदि सही समय पर एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सिम्पटम्स को पहचान लिया जाता है तो सुरक्षा की संभावना बढ़ जाती है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सिम्पटम्स कॉमन तो होते नहीं हैं, इसलिए इनकी पहचान आसान हो जाती है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सिम्पटम्स में अचानक पेल्विक एरिया और पेट में दर्द होना। बहुत अधिक चक्कर आना, पेट में बहुत ज़्यादा गैस बनना। इसके अलावा कंधे या गर्दन के आस-पास दर्द होता है।

फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी है ये परिस्थिति

वैसे तो आजकल की जीवनशैली ही एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कॉज़ेज़ के लिए ज़िम्मेदार है। लेकिन इसके अलावा यदि जन्म से ही महिला के फैलोपियन ट्यूब का आकार असामान्य है तो फिर ये अवस्था निर्मित हो सकती है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कॉज़ेज़ में पहले फैलोपियन ट्यूब में हुई कोई सर्जरी भी इसके लिए ज़िम्मेदार हो सकती है। संभव है कि धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भी फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी कोई गड़बड़ हो। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर अमल करना ही होता है सही।

डरें नहीं एक्टोपिक प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट से हो जाता है सब सामान्य

जी हां आपको डरने की आवश्यकता नहीं है। सही एक्टोपिक प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट से मां और बच्छे की जान बच सकती है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट में संभव है कि डॉक्टर बच्चे को न बचा पायें, लेकिन मां की जान बच जाती है। दवाओं के ज़रिये भी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट हो सकता है। या फिर सर्जरी के द्वारा भी उपचार किया जा सकता है।

तो आप भी ऐसे लक्षण प्रकट होने पर डॉक्टर से सलाह ज़रूर करें। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी पर आधारित ये पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इसे शेयर करें। कमेंट सेक्शन में अपने विचार लिखें और पोस्ट को रेटिंग देना न भूलें।

प्रेग्नेंसी से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए हमारे हेल्थ A-Z और प्रेग्नेंसी एंड पेरेंटिंग सेक्शन को ज़रूर देखें। इसी तरह की अन्य जानकारी के लिए वामा टुडे के पेरेंटिंग सेक्शन को विज़िट करना न भूलें।