बॉडी में बढ़ता यूरिक एसिड शरीर को बना सकता है बीमारियों का घर

by | Jan 23, 2020 | Self Care | 0 comments

सेल्फ केयर से जुड़ी कईं बातें आप नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जैसे यूरिक एसिड का नाम तो आप लोगों ने सुना ही होगा। जी हां कई बार इसकी वजह से व्यक्ति बहुत गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। इसका बढ़ना शरीर को अनेक रोगों की दावत देता है। शुरुआत में तो व्यक्ति को समझ में ही नहीं आता है कि उसे क्या परेशानी हुई है। लेकिन जांच के बाद ही इस बीमारी का पता चलता है। केवल यूरिक एसिड बढ़ जाये तो कोई समस्या नहीं, लेकिन ये साथ में जिन बीमारियों को लेकर आता है वो चिंता का विषय है। जी हां इसकी वजह से गाउट और हार्ट डिज़ीज़ भी आपको हो सकती है। बात केवल यहीं पर खत्म नहीं हो जाती है। यूरिक एसिड के बढ़ने से किडनी स्टोंस की परेशानी भी संभव है। वास्तव में सच्चाई ये है कि ये बीमारियां ही उभरकर सामने आती हैं। ये तो बाद में पता चलता है कि इसकी वजह यूरिक एसिड का बढ़ना है। सही समय पर आप यूरिक एसिड ट्रीटमेंट करवा लेते हैं तो इन बीमारियों से बचना आसान होता है। आइये आपको विस्तार से जानकारी देते हैं।

क्या है यूरिक एसिड?

सबसे पहले तो आपके ज़हन में ये प्रश्न ही आता होगा। जी हां बहुत कम लोग हैं जो यूरिक एसिड के बारे में जानते हैं। आपको बता दें कि किसी वजह से किडनी की फ़िल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है। इसके कारण वहां मौजूद यूरिया यूरिक एसिड में बदल जाता है। धीरे-धीरे ये बढ़कर हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है। इसके बाद ये शरीर में अन्य तरह की असुविधा पैदा करने लगता है। वास्तव में यूरिक एसिड उन चीज़ों से निर्मित होता है जो हम खाते हैं। इस एसिड का ज़्यादातर भाग किडनी से फ़िल्टर हो जाता है। फिर ये मूत्र के साथ बाहर आ जाता है। लेकिन जब ऐसा नहीं हो पाता तो ये शरीर में जमा होने लगता है।

किस तरह के लक्षण होते हैं यूरिक एसिड बढ़ने के?

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण मुख्यतः हड्डियों की समस्या के रूप में प्रारंभ होते हैं। यूरिक एसिड बढ़ने पर हड्डियों की कमज़ोरी स्पष्ट नज़र आती है। जोड़ों में दर्द होना, उंगलियों में सूजन का आना। इसके अलावा उठने-बैठने में भी परेशानी होने लगती है। किसी भी शारीरिक श्रम को करने में व्यक्ति बहुत अधिक थक जाता है। ऐसे लक्षण नज़र आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

गाउट की समस्या लेती है जन्म

जी हां संभव है कि यूरिक एसिड बढ़ने पर आपको गाउट की परेशानी हो जाये। क्योंकि ये सबसे पहले आपकी हड्डियों पर ही वार करता है। ये समस्या बढ़ते-बढ़ते गाउट में बदल जाती है। क्योंकि लोग अक्सर इसे एक साधारण बात समझ बैठते हैं। आपको बता दें कि गाउट भी कोई साधारण स्थिति नहीं है। इसमें व्यक्ति चलने-फिरने की ताकत को खो देता है।

हार्ट डिज़ीज़ की संभावना भी पैदा करता है यूरिक एसिड

एक अध्ययन के अनुसार यूरिक एसिड के बढ़ने से हार्ट डिज़ीज़ की संभावना भी बनती है। क्योंकि इस अवस्था में हाई बीपी की परेशानी सिर उठाने लगती है। इस वजह से हार्ट डिज़ीज़ होना सामान्य बात है। सही समय पर यूरिक एसिड ट्रीटमेंट करवाकर आप हार्ट डिज़ीज़ से खुद को बचा सकते हैं।

किडनी स्टोंस का खतरा भी बढ़ता है

हो सकता है यूरिक एसिड बढ़ने से किडनी स्टोंस की परेशानी भी आपको हो जाये। यूरिक एसिड के क्रिस्टल यूरिन की नली में जमा होकर किडनी स्टोंस में बदल जाते हैं। मतलब ये ज़रूरी नहीं कि हर व्यक्ति में किडनी स्टोंस का कारण यूरिक एसिड ही हो। लेकिन हां ये इसके ज़िम्मेदार कारणों में माना जा सकता है।

यूरिक एसिड ट्रीटमेंट के लिए मानें डॉक्टर की सलाह

आप यूरिक एसिड को साधारण तरीके से मत लीजिये। यूरिक एसिड ट्रीटमेंट करवाना बहुत ज़रूरी होता है। आपको बता दें कि यूरिक एसिड ट्रीटमेंट बहुत महंगा नहीं होता। सही इलाज और देखभाल से आप जल्दी ठीक भी हो जाते हैं। तो आप भी इस बीमारी को लेकर सतर्क रहें।

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