जानिए कि किस तरह के हेडेक के शिकार हैं आप?

by | Mar 18, 2020 | Self Care | 0 comments

सेल्फ केयर से कुछ बहुत साधारण बातें जुड़ी होती हैं, जैसे हेडेक का होना। जी हां कभी न कभी आपको भी ये समस्या हुई होगी? कहने को यह एक बहुत ही आम लक्षण है। ये किसी भी कारण से किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। टाइप्स ऑफ़ हेडेक्स केवल एक तरह के नहीं बल्कि अनेक प्रकार के होते हैं। ज़रूरी नहीं कि हेडएक का हर प्रकार आपके लिए गम्भीर खतरा ही हो। लेकिन हर प्रकार के सरदर्द में तीव्रता कम से लेकर ज़्यादा हो सकती है। यह बात इस पर भी निर्भर करती है कि आपको बीमारी क्या है? अब माइग्रेन से लेकर कोल्ड हेडेक तक सिरदर्द का कारण होते हैं। इसके अलावा क्लस्टर हेडेक भी सिरदर्द का ही एक प्रकार है। इन्हें लेकर लोगों में बहुत सारे भ्रम भी होते हैं। जानिए तो चलिए आपकी इस दुविधा को हम दूर कर देते हैं ।

रिबाउंड हेडेक जुड़ा है सिरदर्द की दवा के असर से

इस बारे में संभव है आपने पहले कभी सोचा न हो। जब भी आपको हेडेक होता है आप उसके लिए दवा लेते हैं। यदि आप अक्सर सिरदर्द के लिए दवाई लेते रहते हैं तो एक विशेष प्रकार के सिरदर्द ‘रिबाउंड हेडेक’ के लिए यह ट्रिगर का काम कर सकता है। इस तरह के हेडेक में दवाई लेने पर तो आराम मिल जाता है। लेकिन जैसे दवाई का असर खत्म होता है दर्द और बढ़ जाता है।

नशे का प्रभाव भी हेडेक का कारण हो सकता है

कुछ लोगों में नशे के कारण भी हेडेक की समस्या हो सकती है। अल्कोहल में प्रिजरवेटिव के रूप में सल्फाइट होता है। यदि आप शराब का सेवन करते हैं तो उसके बाद आपको हेडेक हो सकता है। इसके अलावा अल्कोहल दिमाग की तरफ खून का बहाव बढ़ा देता है। संभव है दिमाग में आया ये बदलाव कुछ तो तूफान खड़े करेगा ही। यही नहीं अल्कोहल डिहाइड्रेशन की स्थिति भी बना देता है जिससे हैंगओवर और सिरदर्द उभर सकता है।

टाइप्स ऑफ़ हेडेक्स

जैसा हमने शुरू में ही कहा कि हेडेक एक जैसे नहीं होते। टाइप्स ऑफ़ हेडेक को उनकी प्रकृति के आधार पर पहचाना जा सकता है। सिरदर्द एक जैसा हो यह कतई ज़रूरी नहीं। कभी आपको हल्का हेडेक हो या कभी बहुत तेज़। टाइप्स ऑफ़ हेडेक का वर्गीकरण तीव्रता के आधार पर भी होता है। सिर के एक हिस्से में, कभी पूरे सिर में, कभी सिर्फ कनपटी पर, कभी लगातार तो कभी रह रहकर। संभव है कभी दवा लेते ही आपको दर्द में आराम मिल जाये। या फिर कभी दवा लेने के बाद भी आपका दर्द खत्म न हो। यदि ऐसा होता है तो उस दर्द को अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

कोल्ड हेडेक को इस तरह पहचानें

जब भी आप कुछ ठंडा खाएं और आपको सिरदर्द हो तो समझिये ये कोल्ड हेडेक है। कुछ लोगों को पूरी सर्दी सिर में दर्द की शिकायत होती है। इस दर्द को कोल्ड हेडेक की श्रेणी में रखा जा सकता है। आइसक्रीम या कोल्डड्रिंक जैसा कुछ अधिक ठंडा खाने के बाद सिरदर्द महसूस होता है तो यह कोल्ड हेडेक है। हालांकि इसका समाधान सामान्य तरीके से हो सकता है। लेकिन इसके लिए एक बार डॉक्टर की सलाह लेना भी उचित होता है।

पुरुषों को अधिक होती है क्लस्टर हेडेक की समस्या

महिलाओं की तरह पुरुषों में भी सिरदर्द साधारण समस्या है। किसी भी पुरुष को किसी भी तरह का सिरदर्द हो सकता है। खासतौर पर क्लस्टर हेडेक की समस्या तो पुरुषों को महिलाओं की तुलना में 6 गुनी तक अधिक होती है। क्लस्टर हेडेक हालांकि बहुत आम नहीं होते लेकिन ये गंभीर होते हैं। इसमें आमतौर पर एक आंख के आस-पास या पीछे की ओर असहनीय दर्द होता है। यह दर्द कुछ मिनिट्स से लेकर कुछ घंटों तक का हो सकता है। साथ ही ये एक ही समय पर शुरू होता है।

माइग्रेन और वीकेंड हेडेक

क्या हुआ ये सुनकर थोड़ा अचंभा हुआ आपको? छुट्टियों के दिनों को सिरदर्द से दूर होना चाहिए। लेकिन माइग्रेन के कुछ पीड़ितों में कई बार वीकेंड हेडेक ट्रिगर हो सकता है। बहुत देर तक सोना, अधिक कसरत या काम या खान-पान में परिवर्तन भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए माइग्रेन के किसी भी कारण को क्रिएट करने की कोशिश न करें।

सिरदर्द के इन लक्षणों को भी पहचानिए

अन्य बहुत सारे लक्षणों के साथ भी हेडेक हो सकता है।जैसे सिरदर्द के साथ गर्दन में अकड़न और उलटी होना मैनिंजाइटिस या दिमाग में ब्लीडिंग का संकेत भी हो सकता है। सिरदर्द के साथ बांहों और पैरों में झुनझुनी या असमंजस का होना स्ट्रोक की चेतावनी हो सकता है। ऐसी स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। अपने मन से इलाज न करें खुद कोई भी दवाई लेने से बचें। यदि आपको डॉक्टर ने कोई दवाई प्रिस्क्राइब की है तो उसकी समय सीमा और सेवन के सही तरीके को जरूर जानें।

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