दवाइयों के सेवन और इलाज़ को लेकर सतर्क रहें | Be careful about medicine and remedy

by | Sep 14, 2018 | Self Care | 1 comment

डॉक्टर के परामर्श के बिना बहुत-से लोग अपने और दूसरों के लिए खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं। मर्जी से दवाइयां लेना या देना एक आम बात हो चुकी है। यही बात बीमारियों के इलाज़ को लेकर भी है। बिना किसी योग्य चिकित्सक (Doctor) की सलाह से बीमारियों का उपचार किया जाता है। कम पढ़े-लिखे व्यक्ति यह करें तो बात समझ सकते हैं। लेकिन साक्षर लोग भी मन से ही दवाइयों को अपनाते हैं। मेडिसिंस के क्या साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Medicine) हो सकते हैं आइये जानें।

वास्तव में हेल्थ के मामलों में बहुत सतर्क रहने की जरुरत होती है। मन से किसी भी दर्द के लिए दवाई, कैप्सूल या सिरप लेना एक आम बात है। वो कहावत याद है आपको ‘नीम हकीम खतरा-ए-जानʼ अर्थात अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है। मामला और भी गंभीर होता है जब बात हमारे स्वास्थ्य और शरीर से जुड़ी हो। यही कारण है कि मर्जी से दवाई लेने में सावधान रहें। यही सतर्कता बीमारी के इलाज़ में भी रखें।

एक अनुमान के मुताबिक लगभग 52% लोग बिना डॉक्टर (Doctor) की सलाह के मर्जी से दवाइयों का सेवन करते हैं। बहुत बार तो मेडिकल स्टोर वाले से भी पूछकर दवाइयां ले आते हैं। इस बारे में बहुत ज्यादा सजग रहने की जरुरत होती है। ये लापरवाही आपके स्वास्थ्य पर भी भारी पड़ सकती है। शायद लोग मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Medicine) से बेखबर होते हैं।  

डॉक्टर (Doctor) का पर्चा संभालकर रखें

हर व्यक्ति को कोशिश करना चाहिए कि वो डॉक्टर का पर्चा या नुस्खा संभालकर रखे। पर्चा गुम हो जाने पर हम अपने मन से अनुमान के आधार पर ही दवाइयां ले आते हैं। कोशिश करें कि एक फाइल बनाकर उसमें डॉक्टर के पर्चे, रिपोर्ट्स सावधानीपूर्वक रख दें, जिससे आप परेशान न हों।

दवाइयां समय से लें

डॉक्टर के परामर्श के अनुसार दवाइयां समय से लेना चाहिए। जिस दवा के लिए जो समय निर्धारित है, उसी समय पर उसका सेवन करें। अगर कोई दवा खाली पेट लेना हो तो उसे खाली पेट ही लें। इस बारे में सतर्क रहना बहुत जरुरी है। दवाइयों की एक्सपायरी डेट का भी ध्यान रखें।

इलाज़ में कोताही न रखें

किसी भी प्रकार की चिकित्सा के लिए थोडा धैर्य रखना बहुत जरुरी है। बहुत बार ऐसा होता है कि थोडा-सा भी ठीक होने पर हम इलाज़ बंद कर देते हैं। उपचार पूरा न होने पर समस्या फिर से शुरू हो जाती है। इस बारे में सावधान रहने की बहुत ज्यादा जरुरत होती है। किसी डॉक्टर के इलाज़ से हम ठीक नहीं हो पाते हैं तो हमें डॉक्टर बदलना चाहिए। यहां यह भी सतर्कता रहें क्योंकि कि कहीं डॉक्टर के इलाज़ से कोई समस्या तो नहीं हो रही है। ऐसा होने पर समय न लेते हुए तुरंत कोई कदम उठाना चाहिए।

अगर आपको कोई छोटी-मोटी तकलीफ है तो उसके लिए दवाइयों पर निर्भर न रहें। घरेलू उपचार के द्वारा समस्या को दूर करने की कोशिश करें। इस तरह आप अपने इलाज़ और दवाइयों को लेकर सावधानी रखें और किसी बड़ी समस्या से बचे रहें।

दवाइयों का साइड इफ़ेक्ट (Side Effects of Medicine)

आप लंबे समय से कोई मेडिसिन ले रहे हैं तो हो सकता है उनके कुछ दुष्प्रभाव हों। बहुत से लोग इन साइड इफेक्ट्स को समझ ही नहीं पाते हैं। मतलब एक मर्ज तो रहता ही है उसपर दूसरा भी आ जाता है। इस पर लोग करते यह हैं कि खुद ही डॉक्टर (Doctor) बन जाते हैं। एक साथ बीमारियों का आना दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी हो सकता है। इसलिए आप सतर्कता बनायें रखें और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करें।

सेल्फकेयर से जुडी अन्य जानकारियों के लिए हमारे Health A -Z सेक्शन को देखना न भूलें। और पोस्ट पसंद आने पर इसे शेयर जरूर करें।