सही स्लीपिंग पोज़ीशन इन तकलीफों में दे सकती है राहत

by | Nov 26, 2019 | Self Care, Sleep Disorder | 0 comments

जानते हैं आज हमारे देश के युवा स्लीपिंग डिसऑर्डर जैसी बड़ी समस्या से ग्रस्त हैं। जी हां यदि शहरों की बात की जाये तो ये संख्या और भी अधिक है। काम की टेंशन, लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे अनेक कारण हैं जो आपकी नींद को प्रभावित करते हैं। इससे बचने के लिए ज़रूरत है संतुलित जीवनशैली और सही स्लीपिंग पोज़ीशन की। अगर आप अपने सोने के तरीके में बदलाव करते हैं तो आपकी बहुत सारी समस्याएं दूर होती हैं। जैसे इससे आपके डाइजेशन पर असर होता है। उसमें आपको कोई दिक्कत नहीं आती। अगर आपको शोल्डर पेन की शिकायत है तो सही तरीके से सोने पर आराम मिलता है। नेक पेन और हार्ट बर्न जैसी परेशानी में भी सही स्लीपिंग पोज़ीशन बहुत लाभ देती है। प्रेग्नेंसी में भी महिलाओं को सोते समय बहुत तकलीफ आती है। लेकिन यदि वो सही पोज़ीशन में सोती हैं तो वो अच्छी नींद का आनंद उठा सकती हैं। अब आप ये सोच रहे होंगे कि आखिर वो पोज़ीशन्स क्या हैं जो आपको इन तकलीफों में आराम देंगी? चलिए आपको इस बारे में जानकारी देते हैं।

स्लीपिंग पोज़ीशन पर निर्भर करती है अच्छी नींद

वैसे तो जब आप बहुत अधिक थक जाते हैं तो किसी भी स्थिति में सोयें फर्क नहीं पड़ता। लेकिन आपकी स्लीपिंग पोज़ीशन सही है तो आपको हमेशा अच्छी नींद आएगी। कई बार लोगों को गलत स्लीपिंग पोज़ीशन में सोने से ही प्रॉब्लम हो जाती है। इसलिए सही तरीके से सोइए और अच्छी नींद लीजिये।

सिर्फ स्लीपिंग पोज़ीशन ही नहीं व्यवस्थित जगह भी हो

ध्यान रखें कि केवल स्लीपिंग पोज़ीशन ही नहीं बल्कि जहां आप सो रहे हैं वह जगह भी व्यवस्थित हो। जैसे आपका कमरा साफ़ हो। आपका बेड व्यवस्थित हो। जिस गादी पर आप सोते हैं वो न बहुत सख्त हो न बहुत नर्म। चादर और तकिये का गिलाफ़ साफ़ हो। क्योंकि ये चीज़ें भी आपकी नींद में व्यवधान डालती हैं।

डाइजेशन को सही बनाइये इस तरीके से

आपके डाइजेशन को सही बनाने में भी स्लीपिंग पोज़ीशन का बड़ा हाथ होता है। डाइजेशन को सही रखने के लिए आपको बायीं करवट लेकर सोना चाहिए। इससे आपको गैस, पेट का भारीपन जैसी परेशानियां नहीं होती हैं। अगर आप कभी रात में अधिक खाना भी खा लेते हैं तो आपका डाइजेशन अच्छे से हो जाता है। इसलिए अपने डाइजेशन को अच्छा रखने के लिए बायीं करवट लेकर ही सोइए।

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शोल्डर पेन होने पर अपनाइए ये स्लीपिंग पोज़ीशन

अगर आपको शोल्डर पेन है तो इसके लिए भी ख़ास स्लीपिंग पोज़ीशन होती है। इसके लिए जिस तरफ शोल्डर पेन नहीं है उस ओर करवट लें। फिर अपने पैरों को थोड़ा-सा मोड़ लें। फिर आप घुटनों के पास तकिया रख लें। इस तरह आपको शोल्डर पेन में काफी राहत मिलेगी।

हार्ट बर्न को भी किया जा सकता है ठीक

कई बार तीखा खाने के कारण हार्ट बर्न की समस्या होना आम बात है। इसके कारण आपकी नींद में भी व्यवधान होता है। इससे बचने के लिए आपको सही स्लीपिंग पोज़ीशन अपनाना चाहिए। हार्ट बर्न को ठीक करने के लिए आपको बायीं करवट लेकर एकदम सीधा सोना चाहिए। इससे आपको हार्ट बर्न में काफी हद तक राहत मिलती है।

नेक पेन भी हो सकता है दूर

गलत लाइफस्टाइल के कारण बहुत-से युवाओं को नेक पेन की समस्या हो जाती है। इसके चलते आम जीवन में बड़ी रुकावटें आती हैं। सोने का सही तरीका आपको नेक पेन से भी राहत दिलवाता है। नेक पेन में आपको सिर पर तकिया लगाने के अलावा पीठ और पैरों पर भी तकिया लगाना चाहिए। इससे गर्दन को स्पोर्ट मिलता है और आपको नेक पेन में आराम भी मिलता है।

प्रेग्नेंसी में ऐसी हो आपकी स्लीपिंग पोज़ीशन

महिलाओं को प्रेग्नेंसी में भी सोते समय बहुत तकलीफ आती है। दरअसल प्रेग्नेंसी में पेट बढ़ने से बहुत असहज महसूस करती हैं महिलाएं। तो हम बताते हैं आपको प्रेग्नेंसी में कैसे सोना चाहिए। कोशिश करें कि सीधे न सोकर दाईं या बायीं करवट लें। खासकर बायीं करवट लेकर सोना अच्छा होता है। पेट पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए पैरों पर तकिया लगाना एक अच्छा उपाय है।

तो आपको भी यदि इनमें से कोई समस्या हो तो आप सही स्लीपिंग पोज़ीशन का प्रयोग करें। लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरती तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

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