एंज़ायटी को हील करेंगे मंत्र, मुद्रा और मैडिटेशन

by | Feb 10, 2020 | Ayurveda, Therapy | 0 comments

आयुर्वेदा में ऐसी अनेक पद्धतियां प्रयोग में लाई जाती हैं जो आपको न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखती हैं। आजकल तो वैसे भी समस्याएं इतनी अधिक हैं कि लोग मानसिक तनाव का शिकार अधिक हो रहे हैं। इसलिए आयुर्वेद की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब जैसे आप एंज़ायटी को ही ले लीजिये। वर्तमान में तो युवा भी इस परेशानी से दो-चार हो रहे हैं। आपको बता दें कि केवल आयुर्वेद में ही इस परेशानी का उपचार संभव है। इस चिकित्सा पद्धति में निहित मंत्र और मुद्रा से तनाव और तमाम ऐसी समस्याओं से मुक्ति पाई जा सकती है। इसके साथ ही मैडिटेशन की प्रैक्टिस भी इसमें सहायक सिद्ध होती हैं। कुछ वैदिक मंत्र ऐसे होते हैं जो आपके तनाव को दूर करते हैं। यही नहीं आजकल तो साइकोथेरेपी में भी इन सब चीज़ों का प्रयोग किया जाता है। तो आइये आपको इनके फायदों के बारे में बताया जाये।

तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी बढ़ा रही है एंज़ायटी को

आपने आजकल लोगों की लाइफस्टाइल को देखा है? कितना ज़्यादा स्ट्रेस है। ये स्ट्रेस बढ़ते-बढ़ते कब एंज़ायटी की जगह ले लेता है पता ही नहीं चलता। आपको ये भी बता दें कि अधिक समय तक एंज़ायटी की स्थिति रहना अच्छी बात नहीं होती है। इससे आपका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। लेकिन प्रश्न यही आता है कि इस परेशानी को दूर कैसे किया जाये? तो इसका एकमात्र उपचार मैडिटेशन और इसी तरह की अन्य पद्धतियां हैं।

कैसे पहचाने एंज़ायटी के लक्षणों को?

इस बारे में आपकी सतर्कता बहुत आवश्यक होती है। एंज़ायटी के लक्षणों को आप यदि आसानी से पहचान लेते हैं तो आपको बहुत अधिक आसानी हो जाती है। एंज़ायटी में मुख्यरूप से बहुत अधिक घबराहट का होना, किसी बात का डर हमेशा बना रहना। इसके अलावा दिल की धड़कन का एकदम बढ़ जाना या फिर बेहोशी महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इनके आधार पर जल्द से जल्द साइकोथेरपी लेना सही होता है।

मंत्र भी निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका

आपको शायद पता न हो लेकिन मंत्र की मदद से आप अपनी एंज़ायटी को दूर कर सकते हैं। जब आप किसी मंत्र का जाप करते हैं तो आपको मन में हल्कापन महसूस होता है। कुछ विशेष मंत्र होते हैं जिनके जाप से आप एंज़ायटी से बाहर निकल सकते हैं। जैसे नम: शिवाय मंत्र या फिर महामृत्युंजय मंत्र। इस मंत्र के नियमित जाप से आपको बहुत लाभ होता है।

मुद्रा भी दिलवाती है तनाव से मुक्ति

जी हां मंत्र की तरह मुद्रा भी आपको एंज़ायटी से मुक्त कर सकती है। अगर माना जाये तो शंख मुद्रा से भी आपको बहुत लाभ होता है। शंख मुद्रा के प्रयोग से आप शरीर की नकारात्मकता को जड़ से दूर कर सकते हैं। आपको बता दें कि शंख मुद्रा का संबंध नाभि चक्र से होता है। इससे आपकी भावनाओं पर काबू करने में बहुत मदद मिलती है। इसके लिए ज़रूरी है कि आप किसी विशेषज्ञ से इस बारे में सलाह लें।

मैडिटेशन एक अचूक उपाय है एंज़ायटी दूर करने का

आपने मुद्रा के बारे में भी जान लिया, उसी तरह से मैडिटेशन की मदद से भी आप एंज़ायटी को हरा सकते हैं। मैडिटेशन आपके भीतर एक पॉजिटिव एनर्जी का संचार करता है। इससे आपमें जो डर का भाव है उसे पराजित किया जा सकता है। जो लोग रोज़ाना मैडिटेशन की प्रैक्टिस करते हैं उन पर तनाव कभी हावी नहीं हो सकता है। आप योगा के अलावा यदि 15-20 मिनट भी मैडिटेशन करते हैं तो आपको बहुत ज़्यादा लाभ होता है। तो आप भी आयुर्वेदा के इन तीनों साधनों को अपनाकर एंज़ायटी से मुक्त हो सकते हैं।

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