एजिंग साइन्स को कम कीजिये कपिंग थेरेपी की मदद से

by | Feb 18, 2020 | Naturopathy, Therapy | 0 comments

नेचुरोपैथी हमारे जीवन में अनेक तरह के लाभ लेकर आती है। इसलिए आज लोग अपनी स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस थेरेपी का सहारा लेते हैं। केवल हमारे देश में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी अनेक पद्धतियां मौजूद हैं। इनका प्रयोग करके आप हर तरह की शारीरिक समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं। जैसे हम चाइना की एक पुरानी थेरेपी का ज़िक्र करें। जी हां आप सही समझे हम कपिंग थेरपी की बात ही कर रहे हैं। एक ये तरह की सक्शन प्रोसेस है जिसमें कप की मदद से आपकी स्किन और बॉडी से जुड़ी परेशानियों को दूर किया जाता है। आपको भी बता दें कि इस पद्धति से साइन्स ऑफ़ एजिंग जैसे रिंकल्स को दूर किया जा सकता है। यह बैक पेन के अलावा शरीर के अन्य दर्द में भी राहत देता है। इसके बारे में और जानकारी के लिए बने रहिये हमारे साथ।

क्या है कपिंग थेरेपी?

आपको बता दें कि कपिंग थेरेपी की मदद से आप अपने शरीर को पूरी तरह आराम दे सकते हैं। जी हां ये एक प्राचीन चीनी चिकित्सा पद्धति है। इसमें आपके शरीर के कुछ ख़ास हिस्सों में सक्शन के द्वारा उपचार किया जाता है। जी हां कांच के कप के नीचे वैक्यूम बनाकर स्किन के कुछ ख़ास हिस्सों में इसे रखा जाता है। इससे आपके मसल्स टिश्यूज़ का इलाज किया जाता है। जिससे शरीर के किसी भाग में होने वाला दर्द आसानी से दूर हो सकता है। यही नहीं ये आपकी स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद उपचार पद्धति है।

कैसे की जाती है कपिंग थेरेपी?

इस बारे में भी आपको जानकारी देना ज़रूरी है, खासकर जो लोग पहली बार इसके बारे में सुन रहे हैं। कपिंग थेरेपी के अंतर्गत कप के नीचे सक्शन क्रिएट करके उसे प्रभावित स्थान पर रखा जाता है। इससे एक वैक्यूम बनता है जो स्किन को खींचता है। देखा जाये तो कपिंग थेरेपी भी 3 प्रकार से की जाती है, पहली ड्राई कपिंग, वेट कपिंग और फायर कपिंग। जैसे ही कप को संभावित जगह पर रखा जाता है वहां एक सक्शन बनता है। ये मसल्स पर प्रेशर नहीं डालता बस उन्हें हील करता है। इस थेरेपी से उपचार वाली जगह कुछ लाल हो जाती है, लेकिन थोड़े दिनों में फिर से नॉर्मल हो जाती है।

साइन्स ऑफ़ एजिंग को दूर करने में कारगर है

दुनिया का कोई भी व्यक्ति क्यों न हो वो साइन्स ऑफ़ एजिंग के प्रभाव से दूर रहना चाहता है। हमेशा बना रहने वाला यौवन और अमरत्व भला कौन नहीं चाहेगा? इसलिए साइन्स ऑफ़ एजिंग को रोकने के लिए हमारे पूर्वजों ने कुछ इलाज के तरीके खोजे। कपिंग थेरेपी उसी का एक उदाहरण है। इसकी मदद से आप समय से आने वाले उम्र के निशानों को दूर कर सकते हैं।

रिंकल्स को भी आसानी से दूर करती है कपिंग थेरेपी

जी हां कपिंग थेरेपी साइन्स ऑफ़ एजिंग के सबसे बुरे असर मतलब रिंकल्स को भी दूर करती है। कुछ लोग तो ख़ास रिंकल्स को दूर करने के लिए कपिंग थेरेपी करवाते हैं। रिंकल्स के लिए आपको ख़ासतौर पर चेहरे पर ये थेरेपी करवानी पड़ती है। लेकिन इसके परिणाम बहुत ही संतोषजनक होते हैं। कई लोग चेहरे पर होने वाले साइन्स ऑफ़ एजिंग को रोकने के लिए इस थेरेपी का सहारा लेते हैं। लेकिन कपिंग थेरेपी है बहुत कारगर।

बैक पेन से भी मिलती है राहत

बड़ों को ही नहीं बल्कि युवाओं को भी आजकल बैक प्रॉब्लम बहुत ज़्यादा हो गये हैं। दिन-भर की भाग-दौड़ के बीच कोई व्यक्ति आराम करना चाहता है तो शरीर में होने वाले दर्द उसे चैन नहीं लेने देते। बैक पेन भी आजकल बहुत कॉमन तकलीफ बन चुकी है। आप बैक पेन को दूर करने के लिए भी कपिंग थेरेपी का सहारा ले सकते हैं। अधिकतर लोग बैक पेन या शोल्डर पेन के लिए ही इस थेरपी को करवाते हैं।

तो आप भी एक बार कपिंग थेरेपी का लाभ लेकर ज़रूर देखिये, हो सकता है आपकी कोई पुरानी समस्या इससे दूर हो जाये।

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