सर्दियों में सनबाथ आपको देगा चमत्कारी फ़ायदे

by | Oct 25, 2019 | Naturopathy, Therapy | 0 comments

नैचुरोपैथी में सनबाथ का विशेष महत्व है। सनबाथ से न केवल विभिन्न रोगों का निवारण होता है बल्कि विशेषकर महिलाओं की त्वचा को आवश्यक तत्वों की पूर्ति होने से त्वचा में निखार आता है व उनके सौन्दर्य में भी चार चांद लग जाते हैं। इससे विटामिन डी की प्राप्ति होती है। जिससे आपको स्ट्रांग बोन्स मिलती है। साथ ही इम्युनिटी भी मज़बूत होती है। आइये इस बारे में विस्तार से जानें।

सन बाथ महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है

प्रायः यह माना जाता है कि सूर्य की किरणों से त्वचा काली पड़ जाती है। इसी भय से महिलाएं सर्दियों के मौसम में भी छाता लेकर बाहर निकलने से नहीं चूकती हैं। लेकिन वास्तव में यह सत्य नहीं है। सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणें जिन्हें अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के नाम से भी जाना जाता है। वह न केवल चर्मरोगों का निदान करती है। बल्कि शरीर की इम्युनिटी को भी बढ़ाती है। प्राकृतिक चिकित्सकों का मत है कि सूर्य प्रकाश की कमी से रक्त में फ्राइबिन व लालकण अर्थात आरबीसी की मात्रा घटती है। डब्लूबीसी अर्थात श्वेतकण कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है जो शरीर के लिए रोगजनक मानी जाती हैं।

महिलाओं के अलावा बच्चों के लिए भी ज़रूरी है सन बाथ

जी हां महिलाओं व शिशुओं के लिए सन बाथ की विधि विशेष होती है। यहां स्पष्ट कर देना आवश्यक है कि सनबाथ का स्थान स्वच्छ होने के साथ ही हरीतिमा युक्त होना ज़रूरी है। मकान की छतें, बालकनी, हरे-भरे पार्क आदि सूर्य स्नान के लिए उपयुक्त स्थान है। इसके अलावा संभव हो सके तो सन बाथ के दौरान कम से कम व ढीले वस्त्रों का प्रयोग करें। तथा प्रयास यही होना चाहिए कि शरीर के अधिकांश अंग सूर्य की रश्मियों से नहा सकें। इसके अलावा सूर्यस्नान के समय सर कपड़े से ढका हुआ व आंखें बंद होनी आवश्यक है। यह भी उपयुक्त रहेगा कि आप प्रारंभ में 10 से 15 मिनट तत्पश्चात सनबाथ की अवधि बढ़ाते जाएं। लेकिन यह आधे घंटे से अधिक न हो क्योंकि सनबाथ के दौरान त्वचा मे जलन होना अतिरेक का द्योतक है। इस अतिरेक से बचें व सनबाथ के बाद गुनगुने पानी से अवश्य स्नान करें।

विटामिन डी का सबसे अच्छा विकल्प है सन बाथ

आपको एक बात जानना बहुत ज़रूरी है। वह ये कि विटामिन डी आपके शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है। विटामिन डी से आपकी इम्युनिटी बढ़ती है। यदि आपको शरीर में कमज़ोरी का अनुभव होता है तो संभव है कि आपको विटामिन डी की कमी हो। इसलिए सूर्य की रोशनी में स्नान करना बहुत ज़रूरी है।

स्ट्रांग बोन्स के लिए भी ज़रूरी है सूर्य की रोशनी

पराबैंगनी किरणें विटामिन-डी प्रदान करने के अलावा रिकेट्स व त्वचा रोगों में अत्यंत लाभकारी मानी जाती हैं। इसके अलावा ये स्ट्रांग बोन्स के लिए भी ज़िम्मेदार होती है। शिशुओं में होने वाले सूखा रोग में तो सूर्य स्नान अमृत के समान है। सन बाथ से प्राप्त अन्य लाभों में स्नायुओं की पुष्टी के अलावा बी.पी., मधुमेह, विभिन्न प्रकार के मूत्ररोग ठीक होते हैं। महिलाओं के पीठ दर्द, थकावट व शिशुओं में होने वाले न्यूमोनिया व संक्रामक रोगों में आशातीत लाभ प्राप्त होता है। स्ट्रांग बोन्स के लिए आपको सन बाथ ज़रूर लेना चाहिए। बच्चों में भी स्ट्रांग बोन्स के लिए उन्हें पर्याप्त सूर्य की रोशनी मिलना ज़रूरी है।

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन डी से बेहतर कुछ नहीं

हमने आपको पहले भी बताया कि इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन डी ज़रूरी है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग धूप में ज़्यादा समय बिताते हैं उनकी इम्युनिटी ज़्यादा मज़बूत होती है। आप भी इम्युनिटी बढ़ाना चाहते हैं तो सन बाथ ज़रूर लें।

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